जांजगीर-चांपा। समाज को आईना दिखाने वाली एक ऐसी अनूठी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को हैरान कर दिया है। जिस युवती ने कुछ दिन पहले शराब के नशे में धुत दूल्हे को मंडप से दुत्कार कर भगा दिया था और जिसकी बहादुरी की मिसालें दी जा रही थीं, उसी युवती ने अब उसी युवक के गले में वरमाला डाल दी है। इस अप्रत्याशित मोड़ ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर चंद दिनों में ऐसा क्या बदल गया।
मामला जांजगीर-चांपा जिले के कोसमन्दा गांव का है, जहां बीती 23 जून को शादी का माहौल उस वक्त हंगामे में बदल गया था जब दूल्हा संतकुमार राय शराब के नशे में चूर होकर शादी करने पहुंचा था। युवती ने बिना किसी डर के, पूरे समाज के सामने इस शराबी दूल्हे से शादी करने से साफ इनकार कर दिया और बारात वापस लौटा दी। युवती के इस साहसी फैसले की गूंज पूरे छत्तीसगढ़ में सुनाई दी। हर तरफ उसकी सराहना होने लगी। देखते ही देखते वह महिला सशक्तीकरण का चेहरा बन गई। खुद जिले के एसपी ने 25 जून को उसे इस हिम्मत के लिए सम्मानित किया। इसके बाद कई सामाजिक संगठनों ने भी उसकी पीठ थपथपाई और उसे हाथों-हाथ लिया। समाज के प्रति उसकी इसी सूझबूझ को देखते हुए 30 जून को उसे परिवार परामर्श केंद्र में एक अहम जिम्मेदारी भी सौंप दी गई, ताकि वह अन्य बिखरते परिवारों को राह दिखा सके।
लेकिन, इस पूरी कहानी में असली ट्विस्ट तब आया जब यह ‘शेरनी’ अचानक अपने घर से लापता हो गई। परिजनों की चिंता और पुलिस की तलाश के बीच खबर आई कि युवती खुद चलकर खोखरा गांव पहुंच गई है। वह किसी और के पास नहीं, बल्कि उसी युवक संतकुमार राय के घर पहुंची थी, जिसे उसने कुछ दिन पहले पूरी दुनिया के सामने ठुकराया था। युवती ने वहां पहुंचकर साफ कह दिया कि वह संतकुमार के साथ ही रहना चाहती है और उसी से शादी करेगी। मामले की संवेदनशीलता और युवती के लापता होने की कड़ियों को जोड़ते हुए जब सीएसपी खुद खोखरा गांव पहुंचीं, तो वहां का नजारा बदला हुआ था। दोनों बालिगों ने एक-दूसरे के साथ रहने की रजामंदी दी, जिसके बाद दोनों की आपसी सहमति से आखिरकार उनकी शादी करा दी गई। एक ऐसा फैसला जिसने पहले पूरे प्रदेश में मिसाल कायम की थी, उसका अंत कुछ ऐसा होगा, इसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। यह शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
