अम्बिकापुर। बलरामपुर जिले के पिपरसोत तुर्रापारा गांव में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां जहरीले सांप के डसने से एक ही परिवार के दो सगे मासूम भाइयों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतकों में 9 वर्षीय विकास और उसका ढाई साल का छोटा भाई विक्रांत शामिल हैं। विकास चौथी कक्षा का छात्र था, जबकि मासूम विक्रांत आंगनबाड़ी जाता था। रोज की तरह दोनों भाई अपने एक अन्य भाई के साथ रात का खाना खाकर घर में बिछी खटिया पर सो रहे थे, तभी काल बनकर आए एक जहरीले सांप ने दोनों को अपना शिकार बना लिया।
यह खौफनाक घटना देर रात की है। गहरी नींद में सो रहे मासूमों को जब सांप ने काटा, तो उनकी चीख निकल गई। दोनों भाइयों के रोने और कराहने की आवाज सुनकर पास ही सो रहे परिजन हड़बड़ाकर मौके पर पहुंचे। बिस्तर पर बच्चों की हालत और वहां रेंगते सांप को देखकर उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए उस जहरीले सांप को घर के भीतर ही लोहे की एक बड़ी कढ़ाई से ढक दिया और उसे वहीं बंधक बना लिया। इसके तुरंत बाद दोनों बच्चों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अम्बिकापुर रेफर कर दिया।
परिजनों ने दोनों मासूमों को बचाने की पूरी कोशिश की और उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने दोनों को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन जहर बच्चों के शरीर में पूरी तरह फैल चुका था। आखिरकार जिंदगी और मौत की इस जंग में दोनों मासूम हार गए और इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक ही झटके में घर के दो चिराग बुझने से पिपरसोत तुर्रापारा गांव में मातम पसरा हुआ है, और हर आंख नम है।
