अम्बिकापुर। विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो को कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद न्यायालय के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बुधवार को आकांक्षा को व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी गुलापन राम यादव की अदालत में पेश करने से लेकर जेल भेजे जाने तक कोर्ट परिसर में अभूतपूर्व गहमागहमी और तनाव का माहौल बना रहा। इस दौरान कोर्ट परिसर राजनीतिक और सामाजिक टकराव का अखाड़ा बन गया; एक तरफ जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने अभद्र टिप्पणियों के विरोध में तीखी नारेबाजी की, वहीं दूसरी तरफ सर्व आदिवासी समाज से जुड़े समर्थक ‘आकांक्षा दीदी जिंदाबाद’ के नारे लगाते नजर आए।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस को भारी सुरक्षा घेरे के बीच आरोपी को अदालत कक्ष तक ले जाना पड़ा। सुनवाई के दौरान वकीलों ने भी जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए दलील दी कि आकांक्षा द्वारा लगातार सोशल मीडिया मंचों पर वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और नेताओं के खिलाफ अशोभनीय व अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी को जेल भेजने का फैसला सुनाया।
यह पूरी कानूनी कार्रवाई शहर के गंगापुर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर 4 अक्टूबर को कोतवाली थाने में आकांक्षा टोप्पो और अकील अहमद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सरगुजा, सीतापुर और रामानुजगंज सहित विभिन्न थानों में पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक हस्तियों के विरुद्ध आपत्तिजनक भाषा के उपयोग को लेकर पूर्व में कई बार समझाइश दी गई थी, किंतु उनकी गतिविधियों में कोई सुधार नहीं आया।
इधर, आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। सर्व आदिवासी समाज ने इस कानूनी कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। समाज द्वारा सोशल मीडिया पर जारी सूचना के अनुसार, 8 अक्टूबर को पीजी कॉलेज मैदान में एकत्रित होकर अंबेडकर चौक, गांधी चौक और घड़ी चौक के रास्ते कलेक्ट्रेट तक विरोध रैली निकाली जाएगी।
