मजदूरों ने कलेक्टर से की अपील.. 20 भूविस्थापित श्रमिकों को पावर कंपनी ने नौकरी से किया बाहर.. 10 महीनों से कर रहे टालमटोल..

जांजगीर चांपा. जिले में संचालित के एस के महानदी पावर कंपनी लिमिटेड नरियरा के द्वारा 20 भूविस्थापित श्रमिक नेताओ को प्रबन्धन ने कूटरचना करके नौकरी से निकाला है. जिसके खिलाफ छ ग पावर मजदूर संघ(एच एम एस) के बैनर तले लगातार संघर्ष किया जा रहा है. इसी सिलसिले में आज जिला श्रम पदाधिकारी के कार्यालय में त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गयी थी. जिसमे जिला श्रम पदाधिकारी के के सिंह की मध्यस्थता में कंपनी प्रबन्धन की ओर से अजय अग्रवाल विनोद श्रीवास्तव राजू कुमार और श्रमिक संघ की ओर से शेरसिंह राय बलराम गोस्वामी लोभन साहू रवि नोरगे शामिल हुए, श्रम पदाधिकारी ने कम्पनी प्रबन्धन को कहा कि मजदूर संघ के आरोप है कि आपने नियम विरुद्ध कार्यवाहियाँ की है. इसलिए श्रमिको की मांग है कि इन्हें बहाल किया जाये. इस पर कंपनी प्रबन्धन के तरफ से उपस्थित अधिकारियो का कहना था कि हम निर्णय के लिए सक्षम नही है.

इनके लिए ऊपर लेबल में बात चल रही है जो भी ऊपर से निर्णय होगा तो किया जायेगा कहकर टाल मटोल किया गया. जिस पर श्रमिक संघ ने कड़ी नाराजगी जतायी श्रमिक संघ ने कहा कि हम लोग को षडयंत्र पूर्वक नौकरी से निकाला गया है, क्योंकि हम लोग मजदूरो की आवाज उठाते है पिछले 10 महीने से हम लोगो को दुर्भावना पूर्वक नौकरी से बाहर रखा गया है. और झूठा मारपीट का केस दर्ज करा कर फंसा दिया गया है, हम लोग भूविस्थापित होकर भी आज नौकरी से वंचित है.

संघ के बलराम गोस्वामी ने बताया कि पूर्व से ही हम लोगो को साजिश करके निशाना बनाया गया है कंपनी प्रबन्धन ने बिना नोटिस दिए हमारे प्लांट में प्रवेश को बन्द कर दिया जिसके बाद हमे नोटिस भेजा गया हमने इसकी शिकायत शासन प्रशासन को किया तब जाकर इनके द्वारा बाद में नोटिस जारी किया फिर श्रम पदाधिकारी कार्यालय में कई बैठके हुई जो असफल रही हमारे निलंबन का मामला माननीय श्रम न्यायालय में विचाराधीन है बावजूद उसके सभी मजदूरो को बर्खास्त कर दिया गया, कंपनी प्रबन्धन के द्वारा औद्योगिक स्थायी आदेश अधिनियम, सेवा शर्त, और न्यायालयीन प्रक्रिया सहित सभी नियम कानूनों की धज्जी उड़ा कर अवैधानिक तरीके से बर्खास्त किया है.

आज मजदूर अपनी जमीन देकर ठगा हुआ महसूस कर रहे है मजदूरो की आवाज को कम्पनी प्रबन्धन के दमनकारी नीति के द्वारा दबाया जा रहा है, जिला श्रम पदाधिकारी कार्यालय में बैठक हुई पर कम्पनी प्रबन्धन अपने पुराने रवैये के मुताबिक रटा रटाया जवाब लेकर हाजिर हुआ कि हम लोग निर्णय नही ले सकते यह स्थिति दिखाती है कि कैसे मजदूरो के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है कंपनी प्रबन्धन के इस जवाब के बाद श्रम पदाधिकारी के द्वारा आगामी बैठक की तारीख नही दी गयी है अब हम संघ के तरफ से मांग करते है कि इस लंबे समय से चल रहे प्रकरण पर कलेक्टर यशवंत कुमार संज्ञान ले और मजदूरो को न्याय दिला कर उनकी रोजी रोटी की रक्षा करे.

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