सारंगढ़। सारंगढ़ नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 रानीसागर में बदहाल जल निकासी व्यवस्था ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से चोक पड़ी नालियों का बदबूदार पानी सड़कों पर आधा फीट तक भर चुका है, जिससे पूरा मोहल्ला दलदल और दुर्गंध के साए में जीने को मजबूर है। हैरानी की बात यह है कि यह बदहाली पूर्व विधायक पद्मा मनहर के निवास के ठीक सामने पसरी हुई है। पूर्व विधायक सहित स्थानीय नागरिकों द्वारा नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को लगातार अवगत कराने के बावजूद अब तक सफाई अमला मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे स्थानीय प्रशासन की संवेदनहीनता खुलकर उजागर हो रही है।
सड़क पर जमा इस दूषित पानी ने अब गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप ले लिया है। मच्छरों और संक्रामक कीटाणुओं के तेजी से पनपने के कारण मोहल्ले में डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी मौसमी बीमारियों का खौफ पसर गया है। स्थिति तब और चिंताजनक हो गई है जब नाली का गंदा पानी जमीन के नीचे बिछी मुख्य पेयजल आपूर्ति लाइन तक पहुंच गया है। स्थानीय निवासियों को आशंका है कि यदि पाइपलाइन में जरा भी लीकेज हुआ, तो घरों में दूषित पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी, जो किसी बड़े स्वास्थ्य हादसे को जन्म दे सकती है। इस संभावित खतरे को देखते हुए नागरिक तत्काल लाइन की जांच और नाली की युद्धस्तर पर सफाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों में नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश गहराता जा रहा है। नियमित सफाई के दावों की पोल खोलती इस बदहाली पर लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने तुरंत अमला भेजकर पानी की निकासी बहाल नहीं कराई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध-प्रदर्शन और चक्काजाम करने को विवश होंगे। अब देखना यह है कि एक हफ्ते से नारकीय जीवन झेल रहे रानीसागर वासियों को राहत देने के लिए नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी कब नींद से जागते हैं।
