विधायक जी!..यह कैसी सरकार है?..आपके वोटरों को पीट रहे है रेत माफिया.. आखिर क्यों है स्थानीय प्रशासन की मौन स्वीकृति..

बलरामपुर..(कृष्णमोहन कुमार)..जिले में रेत के उत्खनन का कार्य एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश के बाद भी थमने का नाम नही ले रहा है..और स्थानीय प्रशासन की मौन स्वीकृति से यह सब धड़ल्ले से जारी है..वही आज रेत खदान में ठेकेदार के लठैत द्वारा दो ग्रामीणों से मारपीट की घटना सामने आयी है..और अब यह मामला पुलिस के पास है..

दरअसल पांगन नदी के कुदरु घाट पर आज कुछ ग्रामीणों और ठेकेदार के लठैतों के बीच मजदूरी भुगतान को लेकर जमकर विवाद हुआ..विवाद इतना बढ़ा की ठेकेदार के लठैतों ने दो ग्रामीणों को दौड़ा -दौड़ा कर पीटा.. और ग्रामीण जख्मी हो गए..जिसके बाद ग्रामीणों ने मामले की शिकायत पुलिस से की है..

बता दे कि एनजीटी के आदेश के बाद भी रेत का उत्खनन जारी है..जबकि एनजीटी ने 10 जून से 15 अक्टूबर तक रेत के उत्खनन पर रोक लगा दी है. बावजूद इसके क्षेत्रीय विधायक भी सत्ता में रहते हुए..इस अवैध कारोबार को बंद करा पाने में नाकाम है..ग्राम तारकेश्वरपुर से पांगन नदी होकर गुजरती है..और तारकेश्वरपुर में स्थित है कुदरु रेत खदान..जिसे स्थानीय प्रशासन ने लीज पर दिया है..जहाँ मजदूरी की भुगतान को लेकर ठेकेदार के लठैत और ग्रामीण आपस मे भीड़ गए..2 ग्रामीणों को चोंटे भी आयी है..1 के सिर पर व दूसरे के हाथ पर चोंट लगे है..ग्रामीणों का आरोप है..की ग्रामीण मजदूरों पर प्राणघातक हमला कर ठेकेदार के लठैत मौके पर से फरार हो गए है..

वही इस मामले में एडिशनल एसपी प्रशांत कतलम का कहना है..की मामले की शिकायत मिली है..और मामले में निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया जारी है..दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही होगी..

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