मिशन 2023: कांग्रेस के टिकट वितरण फार्मूले में कितनी सच्चाई.? प्रभारी ने कहा- न सिफारिश आएगी काम, न चलेंगे बड़े नेताओ के सोर्स.. काम पर मिलेगी टिकट
Mission 2023: How much truth in the ticket distribution formula of Congress.?
Sanjay Yadav
Published: August 16, 2023 | Updated: August 17, 2023 1 min read
@संजय यादव
जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने साफ शब्दों पर कह दिया है कि इस बार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी द्वारा टिकट वितरण को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी. न हीं किसी नेताओं की सिफारिश चलेगी. न हीं किसी बड़े मंत्री के सोर्स सुने जाएंगे. छत्तीसगढ़ के प्रभारी के इस बात से तो यही लगता है कि इस बार कांग्रेस पार्टी में टिकट वितरण को लेकर पारदर्शिता देखने को मिलेगी। कांग्रेस के टिकट वितरण फार्मूले में अब कितनी सच्चाई है यह आने वाला समय में पता चल पाएगा।
कार्यकर्ताओं के अलावा कांग्रेस समर्थक हमेशा आरोप लगाते है कि पार्टी के द्वारा सर्वे एवं काम नेताओं के टिकट वितरण में कोई मापदंड नहीं रखता. बड़े नेता अपने चहते को ही टिकट देती है. जिसका कोई काम क्षेत्र में नजर नहीं आता, निष्क्रिय, हारे हुए प्रत्याशी को ही बार-बार रिपीट करती .जांजगीर चांपा विधानसभा की बात करें तो यहाँ के कार्यकर्ता एवं कांग्रेस समर्थक बार-बार एक ही व्यक्ति को मौका देने पर अब ऊब गई है. अब कार्यकर्ता एवं समर्थक क्षेत्र में बदलाव चाहती है. नए किसी प्रत्याशी को मौका देने की बात कह रही है. लेकिन क्या कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का बात सुनेगी है या फिर वही पुरानी अपने फार्मूले से टिकट वितरण करेगी. हालांकि छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी ने बड़े जोश के साथ दावे किए हैं उससे तो कुछ सच्चाई इस बार नजर आ रही है।
छत्तीसगढ़ में सर्वे की बात करें तो अभी भी कांग्रेस के पक्ष में अच्छा माहौल दिख रहा है लेकिन यहाँ माहौल बनते एवं बिगड़ते टाइम नहीं लगता चुनाव के नजदीक आते ही किस पार्टी की सरकार बनेगी यह नही पता चल पाता. पार्टी के जीत के लिए टिकट वितरण का फॉर्मूला भी बहुत बड़ा मायने रखता है. सही प्रत्याशी को अगर विधानसभा में टिकट मिलेगा तभी फिर से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी अगर कहीं टिकट वितरण में भाई भतीजा वाद,या सोर्स सिफारिश चलेगी तो निश्चित ही कांग्रेस की हार सुनिश्चित है. इसलिए कांग्रेस इस बार सचेत एवं सही निर्णय लेकर टिकट वितरण करेगी. जिसमें कार्यकर्ताओं की भी बात रह जाए एवं मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को भी उनका हक मिल जाय. यही टिकट वितरण का सही फार्मूला होगा. नहीं तो कार्यकर्ता एवं समर्थक इसका जवाब जरूर चुनाव में देगी. जांजगीर चांपा जिला की बात करें तो इस बार जनता यहां बदलाव के मूड में है नए प्रत्याशी को मौका देने की बात जोर-शोर से कह रही हैं।
चर्चाओं का बाजार गर्म..
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे होटल एवं चौक चौराहा पर एक ही चर्चा है. कांग्रेस पार्टी इस बार जांजगीर चांपा विधानसभा में नए प्रत्याशी को मौका दे रही है, लेकिन दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि प्रचार प्रसार में किसी का भी जोर रहे…पार्टी वही पुराने प्रत्याशी को ही टिकट देगी. कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाना शुरू कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी में टिकट वितरण के समय कोई फार्मूला काम नहीं करता हैं. न हीं पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को टिकट मिलता है. कोई सर्वे भी पार्टी के काम नही आते हैं. जिस व्यक्ति ने ज्यादा राशि पार्टी को चंदा दिया उस व्यक्ति को पार्टी टिकट देती है। हालांकि पार्टी के ऊपर लगते ये आरोप में कितनी सच्चाई है यह कुछ दिनों में क्लियर हो जाएगा।
ये होगा आवेदन की प्रक्रिया….
– टिकट दावेदारों के आवेदन केवल ब्लॉक में ही लिए जाएंगे। किसी भी बड़े नेता या चुनाव समिति के सदस्यों से सीधे आवेदन स्वीकार नहीं होगा -17 से 22 अगस्त तक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी में आवेदन लिए जाएंगे।
– दावेदारों से आवेदन की कोई फीस नहीं ली जाएगी। आवेदन -पत्र ऑनलाइन अपलोड किया जाएंगे, जिसे भरकर देना होगा
– 24 तारीख अगस्त तक सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी में नामों – को लेकर मीटिंग पूरी कर ली जाएगी।
-ब्लॉक कमेटी 1 से 5 नामों का पैनल बनाकर दे सकती हैं, हांलाकि कमेटी के पास आए सारे आवेदन उन्हें DCC यानी जिला कांग्रेस कमेटी को देने होंगे।
– 26 अगस्त तक ब्लॉक कमेटी के पाए आए आवेदन और -उनके प्रस्ताव जिला कांग्रेस कमेटी को देने होंगे।
– 29 अगस्त तक हर हाल में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक होनी चाहिए।
– जिला कांग्रेस कमेटी 3 नामों का पैनल बनाकर PCC यानी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पास सौंपेगी। जिसमें सारे आवेदन और प्रस्ताव दोनों ही शामिल होंगे।