रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस दौरान 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की आशंका है।
राज्य के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा सहित कई जिलों में इस मौसमी बदलाव का असर दिखने लगा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ के ऊपर 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। साथ ही अलग-अलग स्तरों पर बनी द्रोणिकाएं भी राज्य से होकर गुजर रही हैं, जिससे यह मौसमी तंत्र मजबूत हुआ है।
खराब मौसम के बीच बिलासपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की जान चली गई। कोटा क्षेत्र के लखोदना गांव में खेत में काम कर रहे दो साढ़ू भाइयों मन्ना यादव और कुंजराम यादव की मौत हो गई, जबकि मानपुर में बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े किसान जागेश्वर जगत ने दम तोड़ दिया।
बीते 24 घंटों में उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के चुनिंदा इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर में 10.4 मिमी तक वर्षा रिकॉर्ड हुई। इस दौरान राजनांदगांव 35.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जबकि पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
