अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में करंट लगने से एक नन्हे हाथी शावक की मौत के बाद हाथियों का दल उग्र हो उठा। शावक की मौत के गम और आक्रोश में हाथियों ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। वहीं दूसरी ओर, लापरवाह अधिकारियों और करंट बिछाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
घटना बुधवार रात की है, जिसके बाद करीब 26 हाथियों का झुंड रात 10 बजे दो हिस्सों में बंट गया। एक दल कर्मकठरा और दूसरा रानुमाड़ा जंगल की ओर निकल पड़ा। इस दौरान उपद्रवी हाथियों ने मोहनपुर उपका क्षेत्र में खेतों में खड़ी धान की फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। उत्पात मचाने के बाद हाथियों का एक झुंड मानपुर के कूरमन तालाब पहुंचा, जहां उन्होंने घंटों पानी में रहकर विश्राम किया।
रातभर वन विभाग की टीम कर्मकठरा जंगल से हाथियों को खदेड़ने की मशक्कत करती रही। कड़ी मशक्कत के बाद 12 हाथियों के दल को खदेड़ने में सफलता तो मिली, लेकिन तड़के 3 बजे तक ये हाथी एक-एक कर वापस कर्मकठरा जंगल में ही लौट आए। वर्तमान में हाथियों का 26 सदस्यीय दल उदयपुर के कर्मकठरा जंगल में ही डेरा जमाए हुए है। किसी भी संभावित खतरे और टकराव को टालने के लिए वन विभाग का मैदानी अमला आसपास तैनात होकर लगातार हाथियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है।
