धमतरी। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने धमतरी जिले में अपनी सीधी धमक दर्ज करा दी है। बुधवार तड़के से ही आसमान में घने काले बादलों का डेरा है और लगातार हो रही रिमझिम बारिश के चलते आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बिगड़ते मौसमी मिजाज और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले के सभी शासकीय व निजी स्कूल-कॉलेजों में तत्काल प्रभाव से एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। इसके साथ ही आम नागरिकों से उफनते नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सख्त अपील की गई है।
इस बेमौसम आफत का सबसे बड़ा और गहरा झटका जिले के अन्नदाताओं पर लगा है। धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी इन चारों विकासखंडों में खरीफ धान की कटाई का दौर शुरू ही हुआ था कि कुदरत के इस रुख ने किसानों की पेशानी पर बल ला दिए हैं। कई खेतों में पकी फसल कटकर खलिहान जाने का इंतजार कर रही है, तो वहीं देर से बोई गई फसलें खेतों में पूरी तरह तैयार खड़ी हैं। स्थानीय किसान गंभीर राम साहू और वेद प्रकाश साहू का कहना है कि कटाई के ठीक मुहाने पर इस तरह बारिश होना किसी आपदा से कम नहीं है। खेतों में लगातार पानी ठहरने और अत्यधिक नमी से धान की बालियों में फंगस, सड़न और दानों में कालापन आने का सीधा खतरा मंडरा रहा है, जिससे न सिर्फ उत्पादन घटेगा बल्कि मंडियों में उपज के उचित दाम मिलने पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।
प्राकृतिक आपदा की इस दोहरी चुनौती से निपटने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है। रविशंकर सागर परियोजना (गंगरेल बांध) और महानदी के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही ह कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश से यदि जलभराव बढ़ता है, तो बांध के गेट खोलकर नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़े जाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित जलभराव की स्थिति में फौरी राहत पहुंचाई जा सके। आने वाले अगले 24 से 48 घंटे कृषि और नागरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद नाजुक माने जा रहे हैं।
