सक्ती. जिले में धान उपार्जन व्यवस्था में गड़बड़ी और लापरवाही पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो पटवारियों को निलंबित कर दिया है. कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने इस व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं.
जानकारी के मुताबिक, धान उपार्जन केंद्र भोथिया में नोडल अधिकारी के रूप में तैनात पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार को सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया. इसके अलावा टोकन सत्यापन से संबंधित समीक्षा बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अनुपस्थित रहना भी उनके खिलाफ बड़ी वजह बना. इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
इसी तरह मालखरौदा क्षेत्र की समिति सकर्रा और सोनादुला में नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ हल्का पटवारी शेरसिंह राठिया पर भी गाज गिरी है. उन पर शासन के निर्देशों की अनदेखी, भौतिक सत्यापन में लापरवाही और धान खरीदी से जुड़े टोकन सत्यापन कार्य को गंभीरता से नहीं लेने के आरोप लगे हैं. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है.
