कोरबा। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिलने से परेशान एक किसान द्वारा कीटनाशक पीने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पटवारी हल्का क्रमांक 03 की पटवारी कामिनी कारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग में उदासीनता बरतने पर तहसीलदार हरदीबाजार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन को शिकायत मिली थी कि तहसील हरदीबाजार अंतर्गत राजस्व निरीक्षक मंडल तिवरता के ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता और पूटा के कई किसान उपार्जन केंद्र में धान विक्रय के लिए टोकन न मिलने के कारण परेशान हैं और समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पा रहे हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच के निर्देश दिए थे।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पाली द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में खुलासा हुआ कि संबंधित हल्का पटवारी द्वारा कई कृषकों का न तो क्षेत्र निरीक्षण किया गया और न ही आवश्यक सत्यापन, जिसके चलते किसानों को धान विक्रय में बाधा उत्पन्न हुई। इसे शासन के निर्देशों की अवहेलना, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और स्वेच्छाचारिता मानते हुए पटवारी कामिनी कारे को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पाली निर्धारित किया गया है।
इसे भी पढ़ें –
Chhattisgarh News: टोकन की मार, सिस्टम से हारा किसान, धान नहीं बिक सका तो कीटनाशक पीकर तोड़ी उम्मीद
