अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर शहर में रविवार रात हुए सनसनीखेज लूटकांड को लेकर अब पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। व्यापारी अनिल अग्रवाल पर जानलेवा हमला कर करीब 20 लाख रुपये लूटने की इस वारदात के पीछे व्यक्तिगत रंजिश और बदले की भावना प्रमुख कारण मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लूट को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी कभी खुद पीड़ित व्यापारी के यहां काम करता था, लेकिन चोरी के शक में नौकरी से निकाले जाने के बाद वह अंदर ही अंदर इस वारदात की साजिश रच रहा था।
यह घटना अम्बिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के सत्तीपारा इलाके में रानी सती मंदिर के पास रविवार रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हुई थी। अग्रवाल इंटरप्राइजेज, इंद्रप्रस्थ के संचालक और मोबाइल कंपनी के डीलर अनिल अग्रवाल दिनभर की कलेक्शन राशि लेकर स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान कैलाश मोड़ के पास पहले से घात लगाए बैठे बदमाश ने ईंट के पीछे से निकलकर उनके सिर पर बांस के डंडे से जोरदार हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से अनिल अग्रवाल सड़क पर गिर पड़े और आरोपी रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गया।
इस हमले में गंभीर रूप से घायल व्यापारी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि हमला करने वाला व्यक्ति अकेला दिखाई दिया, लेकिन वारदात की तैयारी और फरारी के तरीके से साफ था कि इसके पीछे पहले से प्लानिंग की गई थी।
अब इस मामले में पुलिस को आंशिक लेकिन बड़ी सफलता हाथ लगी है। गोपनीय सूत्रों और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी भातू पारा इलाके में नाले के किनारे बैठकर लूटी गई रकम को गिन रहे थे। जैसे ही साइबर सेल की लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। हालांकि जल्दबाजी में भागते समय आरोपी लूट की बड़ी रकम और वारदात में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल मौके पर ही छोड़ गए।
पुलिस ने मौके से करीब 18 लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। बताया जा रहा है कि इस पूरे ऑपरेशन में साइबर सेल की भूमिका बेहद अहम रही है, जिसके चलते आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी पहले अनिल अग्रवाल के यहां काम करता था, लेकिन चोरी के शक में उसे काम से निकाल दिया गया था। इसी बात से नाराज होकर और बदले की भावना में आकर आरोपी ने इस लूटकांड को अंजाम दिया होगा, हालांकि पुलिस अभी इस एंगल की गहन जांच कर रही है और सभी तथ्यों को पुख्ता सबूतों के साथ जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल सरगुजा पुलिस इस वारदात को पूरी तरह सुलझाने के बेहद करीब है। आरोपियों की पहचान हो चुकी है, लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया गया है और अब सिर्फ गिरफ्तारी बाकी है। जल्द ही इस चर्चित लूटकांड से पर्दा पूरी तरह उठा दिया जाएगा।
