कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र से सामाजिक समरसता और आस्था की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है। यहाँ के ग्राम टेमरुपानी निवासी तुलसीराम नाग और उनके परिवार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ईसाई धर्म छोड़ दिया है और पूरे विधि-विधान के साथ अपने मूल सनातन हिंदू धर्म में वापसी कर ली है। मंगलवार को आयोजित एक विशेष धार्मिक व सामाजिक अनुष्ठान में इस परिवार का गांव के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ स्वागत किया।
इस घर वापसी की पृष्ठभूमि तब तैयार हुई जब तुलसीराम का परिवार गांव के मुखिया के संपर्क में आया। वैचारिक स्पष्टता मिलने के बाद पूरे परिवार ने स्वेच्छा से भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन और माता बहादुर कलारिन की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया और मूल धर्म को अंगीकार किया। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों और समाज के लोगों ने पूरे नाग परिवार का तिलक लगाकर और माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया, जिससे माहौल काफी भावुक हो गया।
अपने मूल धर्म में लौटने के बाद तुलसीराम नाग ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के बहकावे और भ्रम में आकर उन्होंने अतीत में अपने मूल धर्म को छोड़ दिया था। लेकिन समय के साथ उन्हें अपनी इस भूल का अहसास हुआ। अब वह अपनी उस गलती को सुधारते हुए बेहद खुश हैं कि वे अपने पुराने परिवेश और आस्था के बीच लौट आए हैं। इस खास मौके पर गांव के पटेल, गायता, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस वापसी को समाज की एकता के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
