जांजगीर चांपा। जिला मुख्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह, जहां प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, प्रशासनिक अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। सबसे ज्यादा शर्मनाक स्थिति पत्रकारों के साथ की गई बदइंतजामी को लेकर देखने को मिली, जिसने पूरे आयोजन की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए।
जिला मुख्यालय जांजगीर के हाईस्कूल मैदान गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में स्थित पत्रकार दीर्घा में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। कार्यक्रम में कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों को बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं मिल सकी, जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। बाहरी व्यक्ति पत्रकारों के लिए लगे कुर्सी में बैठ गए जिसके कारण पत्रकारों को बैठने जगह नहीं मिला. कई पत्रकार बैठने का जगह नहीं होने की वजह से वापस चले गए।
हद तो तब हो गई जब मंच से संविधान, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बातें की जाती रहीं, जबकि नीचे पत्रकारों को सम्मान की जगह अपमान झेलना पड़ा। जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने रहे और अव्यवस्था सुधारने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की गई। पत्रकारों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित उपेक्षा है। राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर मीडिया को दरकिनार करना प्रशासन की मानसिकता को उजागर करता है।
ऐसे आयोजनों में यदि पत्रकार ही सुरक्षित और सम्मानित नहीं हैं, तो आम जनता के अधिकारों की बात करना महज औपचारिकता बनकर रह जाता है।
पत्रकारों का आरोप है कि जिला जनसंपर्क विभाग द्वारा पूर्व में कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई थी। निर्धारित पत्रकार दीर्घा में न तो पर्याप्त कुर्सियां थीं और न ही बैठने की स्पष्ट व्यवस्था, जिसके कारण कई पत्रकारों को खड़े होकर कार्यक्रम कवर करना पड़ा। जनसंपर्क अधिकारी की लापरवाही या कहे जिम्मेदारी पूर्वक अपने काम का निर्वहन नहीं करने की वजह यह व्यवस्था बनी। बाहर से आने वालो लोगों को रोको नहीं गया। विभाग किसी को जिम्मेदारी भी नहीं दी,जो बाहरी व्यक्ति का प्रवेश को रोक लगाता।
वरिष्ठ पत्रकार संवाद संध्या के संपादक उमेंद्र तिवारी का कहना है कि हमेशा विभाग द्वारा पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार बर्दास्त नही किया जाएगा। ऐसा खराब व्यवस्था हमेशा देखने को मिलता है। विभाग अपने रवैए में सुधार नहीं करता तो आने वाले समय में जिले में कृषि मेला, लोक महोत्सव का कार्यक्रम होना है। एसी व्यवस्था रही तो इसका भी विरोध किया जाएगा। आने वाले समय में जनसंपर्क के अधिकारी सुधर जाए नहीं तो इसकी शिकायत उच्च अधिकारी को किया जाएगा।
इस अव्यवस्था से नाराज पत्रकारों ने मौके पर ही अपना विरोध दर्ज कराया और जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। न्यूज नेशन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार संजय यादव ने भी इसका विरोध दर्ज कर जनसंपर्क विभाग के अधिकारी जारिफ खान को व्यवस्था बनाने की बात कही । पत्रकारों का कहना है कि गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय समारोह में मीडिया के प्रति इस तरह की लापरवाही बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पत्रकारों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों में मीडिया के लिए समुचित और सम्मानजनक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
