जांजगीर चांपा। मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। भारी संख्या में रैली निकालते हुए कांग्रेसियों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने किया। उनके साथ कई विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां पहले से तैनात पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने रास्तों में बैरिकेड्स लगाए और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझपटी भी हुई। हालांकि बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना उनके सम्मान के खिलाफ है और यह निर्णय वापस लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि केंद्र सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन सतर्क रहा और पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त होने के बाद कार्यकर्ता वापस लौट गए।
कार्यालय जाने के लिए भटकते रहे लोग…
मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के चलते लगाए गए बैरिकेड्स और बंद गेट की वजह से कलेक्टर कार्यालय आने वाले आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुख्य प्रवेश द्वार बंद रहने से लोग इधर-उधर भटकते रहे और जरूरी कामकाज प्रभावित हुआ। करीब 8 घंटे तक कलेक्टर कार्यालय का आवागमन बाधित रहा, जिससे दूर-दराज से आए फरियादी भी परेशान नजर आए।
