हेल्थ डेस्क. अक्सर चावल उबालने के बाद उसका पानी बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन आयुर्वेद में यही पानी सेहत के लिए अमृत के समान माना गया है. साधारण सा दिखने वाला उबले चावल का पानी पोषक तत्वों का ऐसा खजाना है, जो पाचन से लेकर त्वचा और ऊर्जा तक पर गहरा असर डालता है. अगर इसका सेवन सही समय और सही तरीके से किया जाए, तो यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई रोजमर्रा की परेशानियों में राहत दिला सकता है.
उबले चावल के पानी में पोटेशियम, मैग्नीशियम और प्राकृतिक स्टार्च भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. जब इसमें चुटकी भर काला नमक मिलाया जाता है, तो इसकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है. आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बेहतर समय सुबह खाली पेट माना जाता है. इस समय इसका सेवन करने से शरीर दिनभर हाइड्रेटेड रहता है और पाचन तंत्र को भी सही शुरुआत मिलती है.
चावल का पानी शरीर में पानी की कमी को दूर करने में बेहद कारगर माना जाता है. काले नमक के साथ लेने पर यह एक नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक की तरह काम करता है, जो साधारण पानी की तुलना में ज्यादा देर तक शरीर को हाइड्रेट रखता है. इसमें मौजूद मिनरल्स शरीर के फ्लूइड बैलेंस को बनाए रखते हैं और एसिडिटी जैसी समस्याओं को भी कम करने में मदद कर सकते हैं.
इसके अलावा, चावल का पानी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक माना जाता है. काले नमक में मौजूद सल्फर और ट्रेस मिनरल्स लिवर के काम को सपोर्ट करते हैं, जबकि चावल का पानी धीरे-धीरे शरीर को अंदर से साफ करने में मदद करता है. यही वजह है कि इसे हल्के डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में भी देखा जाता है.
अगर आप अक्सर थकान या कमजोरी महसूस करते हैं, तो चावल का पानी एक नेचुरल एनर्जी बूस्टर साबित हो सकता है. इसमें मौजूद आसानी से पचने वाले स्टार्च शरीर को बिना भारीपन दिए तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं. डिहाइड्रेशन के कारण होने वाली सुस्ती और सिरदर्द जैसी समस्याओं में भी इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है.
पाचन से जुड़ी परेशानियों में भी उबले चावल का पानी राहत देता है. इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन तंत्र में जेल जैसा प्रभाव बनाता है, जिससे मल नरम होता है और कब्ज की समस्या कम हो सकती है. नियमित सेवन से आंतों में नमी बनी रहती है और मल त्याग की प्रक्रिया आसान हो जाती है.
ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी चावल का पानी उपयोगी माना जाता है. यह शरीर में अतिरिक्त सोडियम और फ्लूइड के जमाव को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे रक्तचाप को संतुलित रखने में सहयोग मिलता है. साथ ही यह मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाता है.
त्वचा की बात करें तो चावल का पानी अंदर से हाइड्रेशन बनाए रखता है, जिससे त्वचा में रूखापन और पपड़ी जमने की समस्या कम होती है. इसमें मौजूद स्टार्च और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को पोषण देते हैं और कोलेजन के निर्माण में सहायक माने जाते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार दिखती है.
(डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है. किसी भी तरह की बीमारी, डाइट में बदलाव या घरेलू उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. फटाफट न्यूज किसी भी दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है.)
