जांजगीर-चांपा. कान्हाईबंद में खुल रहे नये कोल डिपो की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया. कान्हाईबंद स्थित कोल डिपो पर राजस्व विभाग की टीम जांच में पहुंची और पूरे स्थल की जमीन का सीमांकन किया गया. इस कार्रवाई से अवैध कब्जे से कोल डिपो खुलने के संकेत मिल रहे थे. गांव में खुल रहे तीसरा कोल डिपो के जमीन पर डायवर्शन मामले में आपत्ति दर्ज कराया था. मौके पर राजस्व की टीम में कान्हाईबंद हल्का पटवारी, आरआई सहित आला अधिकारी मौजूद रहें. लगातार ग्रामीण किसानों की समस्या को उठा रहे फटाफट न्यूज का भी किसानों ने आभार व्यक्त किया हैं.
कोल डिपो संचालक रेलवे साइडिंग के पास किसानों की जमीन को खरीद कर कोल डिपो संचालन करना चाहता है, लेकिन ग्रामीणों ने डायवर्शन पर आपत्ति लगा दी. ग्रामीणों की शिकायत थी नवागढ़ ब्लॉक के कन्हाईबंद ग्राम पंचायत से अनुमति लिए मेसर्स टर्टल सर्विसेस प्रोपाइटर शशांक कुमार सिंह निवासी रामा ग्रीन सरकंडा बिलासपुर द्वारा ग्राम पंचायत कन्हाईबंद में खसरा नंबर 660 रकबा 0.717 हेक्टेयर में खनिज क्षमता 19 हजार एमटी, एवं 1 हजार एमटी अस्थाई अनुज्ञा पत्र के लिए मांग पत्र कोल भंडारण के लिए दिया था. उक्त भूमि में कोल भंडारण के लिए नीरज सिंह पिता सीताराम द्वारा अनापत्ति पत्र की मांग की गई थी. जिसे ग्राम पंचायत ने खारिज कर दिया गया है.
शिकायत दर्ज होते ही प्रशासन ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर नापजोख और सीमांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी. राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी से कोल डिपो संचालकों में अफरा-तफरी मच गई. वहीं पूरे इलाके में इस कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो जमीन पर कब्जे का खेल पहले ही उजागर हो जाता.
अब रिपोर्ट के आधार पर होगी बड़ी कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, सीमांकन रिपोर्ट तैयार की जा रही है. यदि जांच में जमीन खरीदी बिक्री के अलावा बिना ग्राम पंचायत के प्रस्ताव बैगर खुले रहे कोल डिपो को पाया गया तो कानूनी कार्रवाई तक की तैयारी है.
विधायक को ग्रामीणों से सुनाया खरीखोटी
राजस्व विभाग की टीम कोल डिपो जमीन सीमांकन के लिए पहुंची तो डिपो संचालक विधायक को बुला लिया. कुछ देर बाद विधायक मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने विधायक को खूब खरीखोटी सुनाकर विरोध किया. कोल डिपो समस्याओं को लेकर लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर आ गया. धूल-प्रदूषण, स्वास्थ्य संकट और प्रशासनिक अनदेखी से त्रस्त ग्रामीणों ने विधायक को घेरकर जमकर खरीखोटी सुनाई. ग्रामीणों ने विधायक पर कोल डिपो संचालक का संरक्षण करने का आरोप लगाया.
ग्रामीणों का आरोप है कि कोल डिपो के कारण क्षेत्र में सांस लेना दूभर हो गया है, कोल डिपो नियम विरुद्ध डिपो खोल रहा है. लेकिन जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देकर चले जाते है. मौके पर मौजूद लोगों ने विधायक से तीखे सवाल किए और कहा कि चुनाव के समय याद आने वाले नेता अब उनकी आवाज़ से मुंह फेर रहे हैं. हालात इतने तनावपूर्ण हो कि विधायक को उल्टे पैर वापस लौटने पड़े.
