अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट अंतर्गत ग्राम पंचायत सपनादर की केराजेबला बस्ती में आदिवासियों द्वारा नाले का दूषित पानी पीने की खबर ने शासन-प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सीधे सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन कर तत्काल पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधिकारियों की घोर लापरवाही का ही नतीजा है कि एक बुनियादी सुविधा के लिए प्रदेश के मुखिया को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा। दरअसल, केराजेबला बस्ती के लोग लंबे समय से नदी, नाले और ढोढ़ी का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीण लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मानसून के दौरान स्थिति और भी विकराल हो जाती है जब जल स्रोत पूरी तरह दूषित हो जाते हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित बस्ती में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से तत्काल बोरवेल कराकर हैंडपंप स्थापित किया जाएगा। प्रशासन ने अब जिले की ऐसी 100 से अधिक बसाहटों को चिन्हित किया है जो वर्तमान में भीषण पेयजल संकट से जूझ रही हैं। इन सभी चिन्हित बस्तियों में प्राथमिकता के आधार पर DMF मद से हैंडपंप लगाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को खेत और नालों के असुरक्षित पानी पर निर्भर न रहना पड़े।
