नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ कम दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसमी तंत्र 28 अक्टूबर के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों की तरफ बढ़ेगा। इस शक्तिशाली चक्रवात के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भीषण वर्षा के आसार हैं, जबकि इसका व्यापक असर छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश तक नजर आएगा। बदलते मौसमी चक्र को देखते हुए दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु में अत्यंत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में चक्रवात और स्थानीय मौसमी तंत्र के मेल से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में आज अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी गई है, जबकि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। 27 और 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तथा 28 अक्टूबर को ओडिशा और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
तमिलनाडु में अगले तीन दिनों के दौरान व्यापक वर्षा की आशंका है। मौसम विभाग ने विल्लुपुरम, कुड्डालोर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, तिरुवरुर, तंजावुर, कल्लाकुरिची, तिरुवन्नमलाई, कोयंबटूर, चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और मदुरै समेत कई प्रमुख जिलों में अत्यधिक वर्षा को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं केरल के मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, इडुक्की और पलक्कड़ जिलों के लिए रेड अलर्ट प्रभावी किया गया है, जबकि तिरुवनंतपुरम और कोल्लम सहित मध्य एवं दक्षिणी जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है।
मध्य एवं पूर्वी भारत के राज्यों में इस तूफान का असर 28 से 30 अक्टूबर के मध्य सर्वाधिक महसूस होगा। छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में सोमवार से ही बादलों की आवाजाही के साथ मौसमी मिजाज बिगड़ेगा। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। 29 और 30 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।
