नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह-मीडिया प्रभारी प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं पत्रकार ऋचा को राहुल गांधी ने कथित तौर पर खींचकर जमीन पर गिरा दिया, जिसके बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
भाजपा नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर घायल पत्रकार से मुलाकात की और दावा किया कि राहुल गांधी से कोई सवाल न पूछे जाने के बावजूद उनके साथ ऐसा बर्ताव किया गया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सहायता करने के बजाय उलटे पत्रकार पर ही सवाल खड़े किए।
प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के वैचारिक रुख पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के सार्वजनिक नारों और व्यवहार में गहरा अंतर दिखता है। उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नारे ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ और राहुल गांधी के महिला सम्मान संबंधी बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा।
साथ ही उन्होंने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ भी राहुल गांधी द्वारा किए गए कथित अनुचित व्यवहार का जिक्र किया। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है। भंडारी ने घायल पत्रकार के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए जोर दिया कि सार्वजनिक जीवन में प्रेस की स्वतंत्रता और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
