सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले अंतर्गत जयनगर थाना क्षेत्र में मां और बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पूरे इलाके में भारी हड़कंप मच गया है। शुक्रवार रात से लापता सरकारी शिक्षिका का शव जहाँ उनके केशवनगर स्थित बंद मकान के भीतर मिला, वहीं उनके 12वीं में पढ़ने वाले बेटे का शव महावीरपुर मार्ग पर संदिग्ध हालत में बरामद किया गया है। दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, हालांकि पुलिस इसे संदिग्ध मौत मानकर सभी संभावित पहलुओं पर गहन जांच कर रही है।
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब महावीरपुर जाने वाले मार्ग पर राहगीरों ने सड़क किनारे एक युवक का शव देखा और फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची जयनगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की, जिसकी पहचान कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल बिश्रामपुर के 12वीं के छात्र सुजल बरेट के रूप में हुई। युवक के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और शव को छिपाने का प्रयास किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को सुजल की लावारिस स्कूटी उसके घर से करीब 500 मीटर दूर एक पेट्रोल पंप के पास खड़ी मिली।
सुराग मिलते ही जब पुलिस सुजल के केशवनगर स्थित आवास पर पहुंची, तो मुख्य दरवाजे पर ताला लटका मिला। अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों को मौके पर बुलाया और उनकी उपस्थिति में ताला तोड़ा। घर के भीतर बाथरूम में सुजल की मां रजनी बरेट का शव भी संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। रजनी पेशे से सरकारी शिक्षिका थीं और पति के निधन के बाद अपने बेटे के साथ इसी मकान में रहती थीं।
एक साथ मां और बेटे की संदिग्ध मौत की खबर फैलते ही प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। सूचना मिलते ही प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी और मंत्री प्रतिनिधि ठाकुर राजवाड़े भी घटनास्थल पर पहुंचे। रात अधिक होने के कारण मकान को सील कर दिया गया था। अगले दिन डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।
