उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों पर प्रशासन का डंडा चला है। थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट टीम की रिपोर्ट में खामियां उजागर होने के बाद संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने गुरुवार को दो निर्माण एजेंसियों पर कुल 15 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया। इसमें सीवरेज कार्य से जुड़े ठेकेदार पर 5 लाख रुपये और हरियाखेड़ी जल आवर्धन योजना में घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार पर 10 लाख रुपये की पेनल्टी ठोकी गई है।
सिंहस्थ मेला कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने स्पष्ट हिदायत दी कि ऑडिट टीम द्वारा चिह्नित की गई सभी कमियों को अविलंब दुरुस्त किया जाए। उन्होंने सभी कार्यदायी एजेंसियों को आपस में बेहतर समन्वय बनाते हुए तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक के दौरान शहर और मेला क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर रहा। संभागायुक्त ने घाटों पर प्रस्तावित लाइटिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्गों, प्रमुख चौराहों, धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आवश्यकतानुसार आधुनिक लाइटिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को भव्य अनुभव मिल सके।
समीक्षा बैठक में उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA), नगर निगम, स्मार्ट सिटी और ब्रिज निर्माण विभाग के चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति भी जांची गई। इस दौरान कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट, स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन, अपर आयुक्त संतोष टैगोर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
