स्पोर्ट्स डेस्क। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 के रोमांचक फाइनल में पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ ही भारत के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वैभव अब एशियन गेम्स के इतिहास में भारत की ओर से स्वर्ण पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के एथलीट बन गए हैं।
वैभव ने इस उपलब्धि के साथ भारतीय निशानेबाज सौरभ चौधरी का आठ साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सौरभ चौधरी ने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में 16 वर्ष की उम्र में स्वर्ण पदक जीतकर यह कीर्तिमान स्थापित किया था, जिसे अब बिहार के इस युवा सनसनी ने अपने नाम कर लिया।
टूर्नामेंट में बारिश के कारण क्वार्टर फाइनल रद्द होने के बाद भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रनों के विशाल अंतर से मात देकर फाइनल का टिकट कटाया था। पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज फाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को वैभव ने साथी ओपनर अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर तूफानी शुरुआत दिलाई। दोनों ने शुरुआती दो ओवर में ही 28 रन जोड़ दिए। हालांकि, वैभव अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और 9 गेंदों में 2 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 15 रन बनाकर सैम अयूब का शिकार बने। पूरे टूर्नामेंट के दो मैचों में वैभव ने 26.50 की औसत से 53 रन बनाए।
हांग्जो में स्वर्णिम सफलता हासिल करने के बाद अब भारतीय टीम का ध्यान घरेलू मैदान पर होने वाली अगली चुनौती पर टिक गया है। टीम इंडिया को 6 अक्टूबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है, जिसका आगाज लखनऊ के इकाना स्टेडियम से होगा। लगातार अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से प्रभावित कर रहे वैभव सूर्यवंशी के लिए यह घरेलू सीरीज सीनियर टीम की प्लेइंग-11 में अपनी दावेदारी को हमेशा के लिए पक्की करने का बेहतरीन मौका साबित होगी।
