अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय).. सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र में बिना अनुमति के अवैध रूप से लकड़ी कटाई कर उसे पड़ोसी राज्यों में खपाने का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है।बारिश थमते ही अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करों ने क्षेत्र में वापसी करते हुए बिना अनुमति फलदार वृक्ष आम के विशालकाय पेड़ो को काट डाला।फल के साथ लोगों को कड़ी धूप में छत्रछाया देने वाले विशाल आम के पेड़ों की कटाई से लोग आक्रोशित हो उठे।उन्होंने इस अवैध कटाई के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए संबंधित अधिकारियों से पेड़ो की कटाई करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।
विदित हो कि क्षेत्र में लंबे समय से उत्तरप्रदेश समेत अन्य राज्यों से आने वाले अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करों का बोलबाला है।लकड़ी तस्कर स्थानीय लोगों के साथ सांठगांठ कर भोलेभाले ग्रामीणों को अपने झांसे में लेकर उनकी जमीन में लगे पेड़ो का औने पौने दामों में सौदा करते हैं।जिसके बाद उसकी कटाई कर उसे यूपी बिहार बंगाल जैसे राज्यों में ले जाकर ऊंचे दामों में खपाते हुए मोटी कमाई करते हैं।मोटी कमाई का जरिया बन चुके लकड़ी के इस अवैध कारोबार में तस्करों का के गैंग क्षेत्र में सक्रिय हैं।जो घूम घूम कर लकड़ी की अवैध कटाई कर रहे हैं और उसे चोरी छिपे बाहर ले जाकर खपा रहे है।
लकड़ी की खरीदी-बिक्री एवं कटाई ढुलाई के लिए शासन प्रशासन द्वारा कुछ नियम बनाये गए हैं।जिसके तहत एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर अनुमति प्राप्त करना होता है और अनुमति के बाद साल में केवल दस पेड़ काटने होते हैं।इस नियम के तहत लकड़ी तस्कर के इशारे पर किसान अपनी मजबूरी बताकर पेड़ कटाई की अनुमति पा लेते है।वैधानिक अनुमति मिलते ही लकड़ी तस्कर सारे नियमों को ताक पर रखकर दस पेड़ की जगह एक बार में ही सैकड़ो पेडों की कटाई कर डालते हैं।एक बार अनुमति मिल गई तो फिर दोबारा लेने की जरूरत नहीं पड़ती उसी अनुमति के साथ छेड़छाड़ कर पेड़ों की अवैध कटाई का सिलसिला जारी रहता है।बीते दिनों में क्षेत्र में पेड़ो की अवैध कटाई का आलम ये है कि कई गांवों में पेड़ पौधों के जो बगीचे हुआ करते थे वो अब पूरी तरह गायब हो गए।
लकड़ी तस्करों ने स्थानीय लोगों को अपने पाले में लेते हुए पूरे का पूरा पेडों का बगीचा साफ कर दिया।बारिश के दौरान क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई की गतिविधियां काफी हद तक कम हो गई थी।लेकिन बारिश थमते ही अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करों ने वापसी करते हुए क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई का काम शुरू कर दिया है।इस बार तस्करों ने मैनपाट के तराई गांव राजापुर से पेंट जाने वाली मेन रोड के किनारे लगे फलदार वृक्ष आम के विशालकाय पेड़ों को काट डाला।सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी अनुसार इसके लिए शासन प्रशासन से कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी।बगैर अनुमति के ही लकड़ी तस्करों ने अपने मंसूबों को अंजाम देते हुए आम के पेड़ो को काट डाला।इस बात की जानकारी मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और उन्होंने इसके विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए पेड़ो की अवैध कटाई की जांच एवं इसमे शामिल लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।
मौके पर पहुँचे पटवारी, पंचनामा के बाद लकड़ी किया बीटगार्ड के हवाले
फलदार पेड़ आम की अवैध कटाई के विरुद्ध ग्रामीणों का आक्रोश एवं विरोध के बीच कार्यवाही करने हल्का पटवारी मौके पर पहुंचे।उन्होंने मौके पर मौजूद सरपंच उपसरपंच एवं ग्रामीणों के बीच पंचनामा तैयार कर बिना अनुमति काटी गई लकड़ी को वन विभाग के बीटगार्ड के हवाले कर दिया।अब इसमें देखने वाली बात ये है कि संबंधित विभागों के अधिकारी इस अवैध कटाई के विरुद्ध क्या कार्यवाही करते हैं।
इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद एसडीओ फारेस्ट ऐश्वर्य चंद्राकर ने कहा कि इस मामले में नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
