रायपुर। छत्तीसगढ़ की अद्वितीय सांस्कृतिक परंपरा और अटूट भक्ति के प्रतीक रामनामी समुदाय पर आधारित वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) ‘राम-नामी’ ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान जीतकर इतिहास रच दिया है। नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कर-कमलों से यह पुरस्कार प्रदान किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को समूचे प्रदेश के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म और रामभक्ति ही जिनका एकमात्र कर्म है, उस पावन रामनामी समुदाय की साधना विश्वभर में अप्रतिम है। उन्होंने भावुक होते हुए रेखांकित किया कि इस समुदाय के तन पर रचा-बसा ‘राम’ केवल अक्षर मात्र नहीं, बल्कि पीढ़ियों की साधना, समर्पण और अटूट आस्था का जीवंत दस्तावेज है। इस फिल्म ने हमारे लोक-जीवन और समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों को राष्ट्रीय फलक पर एक नई और सशक्त पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री ने इस गौरवमयी सफलता के लिए प्रसिद्ध निर्देशक भरत बाला गणपति और फिल्म की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान प्रदेश की अनूठी लोक-परंपराओं के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वैश्विक मंच पर मिली इस पहचान से युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों और समृद्ध लोक-संस्कृति से और अधिक गहराई से जुड़ेगी।
