बस्तर। जाते-जाते मानसून छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर संभाग पर पूरी तरह मेहरबान नजर आ रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के मजबूत तंत्र के प्रभाव से मंगलवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में लगातार झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज 22 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक 24 सितंबर को भी संभाग के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर बना रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी पर सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक प्रभावी है। यह वेदर सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और अगले 24 से 48 घंटों के भीतर इसके अवदाब (Depression) से बदलकर गहरे अवदाब (Deep Depression) में तब्दील होने की प्रबल संभावना है। यह प्रणाली 23 सितंबर की सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जिससे छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां और तेज होंगी।
इस मौसमी तंत्र का सीधा असर बस्तर के जनजीवन और कृषि पर दिखने लगा है। बीते 24 घंटों में संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई, जिसमें सबसे अधिक भैरमगढ़ में 5 सेंटीमीटर और गंगालूर में 4 सेंटीमीटर पानी बरसा। प्रशासन ने नदी-नालों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए निचले इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
