रायपुर। मानसून के सक्रिय सिस्टम ने छत्तीसगढ़ के एक बड़े हिस्से को अपने घेरे में ले लिया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर राज्य के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर और दुर्ग संभाग सहित 15 से अधिक जिलों में न सिर्फ भारी जलभराव की स्थिति बन सकती है, बल्कि गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा भी मंडरा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान मानसूनी तंत्र अगले 48 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड को प्रभावित करेगा। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के आसमान पर घने बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और सरगुजा संभागों के विभिन्न इलाकों में 115.6 से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक अतिवृष्टि का अनुमान है। रायगढ़, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जैसे क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
राजधानी रायपुर में भी आसमान दिनभर बादलों की घनी चादर से ढका रहेगा। शहर के कई इलाकों में तेज बौछारों और गरज-चमक का पूर्वानुमान है। यहां का तापमान अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने और घर से निकलते समय छाता या रेनकोट अनिवार्य रूप से साथ रखने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, धमतरी, महासमुंद और जांजगीर-चांपा सहित दक्षिणी एवं मध्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली की सक्रियता बनी रहेगी।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई, जिसमें बलरामपुर जिले का चांदो इलाका 15 सेंटीमीटर वर्षा के साथ सबसे अधिक प्रभावित रहा। इसके अलावा रामचंद्रपुर में 12 सेंटीमीटर, रामानुजगंज और वाड्रफनगर में 8-8 सेंटीमीटर, तथा कुसमी, सामरी और राजपुर में 7-7 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में सर्वाधिक 31 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जबकि पेंड्रा रोड 21.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। प्रशासन ने सभी संवेदनशील जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
