जांजगीर-चांपा। त्योहारी सीजन में जहां जिलेभर में मिठाई और खाद्य सामग्री की बिक्री बढ़ गई है, वहीं शिवरीनारायण के मुख्य मार्ग स्थित कान्हा स्वीट्स एवं डेली नीड्स से सामने आए मामले ने मिठाइयों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राहक ज्योति कश्यप ने मिठाई का डिब्बा खोला तो उसके अंदर कीड़ा मिलने का दावा किया गया। घटना सामने आते ही मौके पर हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि दुकान का संचालन मनोजिया केशरवानी द्वारा किया जाता है। मिठाई में कीड़ा मिलने की शिकायत ने दुकान में तैयार और बेची जा रही मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ग्राहक के घर पहुंची मिठाई में कीड़ा निकल सकता है, तो त्योहारी सीजन में दुकानों पर बिक रही खाद्य सामग्री की जांच आखिर कितनी गंभीरता से हो रही है?
त्योहार में मिलावट पर लगाम या सिर्फ कागजी कार्रवाई?
प्रदेश में नकली मावा, मिलावटी मिठाई और खाद्य पदार्थों को लेकर जांच अभियान चलाए जाने के बीच जांजगीर-चांपा जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि त्योहारी सीजन में मिठाई दुकानों की नियमित सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच को लेकर विभाग की सक्रियता नजर नहीं आ रही है।
मामला सामने आने के बावजूद जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से तत्काल कार्रवाई या जांच की जानकारी सामने नहीं आने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, मामले की वास्तविकता और मिठाई में कीड़ा मिलने की पुष्टि विभागीय जांच और सैंपल परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।
जनता की सेहत से खिलवाड़ पर कौन लेगा जिम्मेदारी?
त्योहारी सीजन में हजारों परिवार मिठाइयां खरीदते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सवाल यह है कि क्या किसी ग्राहक की शिकायत का इंतजार किया जाएगा या विभाग खुद बाजार में उतरकर मिठाई और मावे के नमूने लेकर जांच करेगा?
मिठाई में कीड़ा मिलने का यह मामला केवल एक दुकान तक सीमित नहीं माना जा सकता। इसने पूरे जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर बहस छेड़ दी है। अब निगाहें जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन पर हैं कि विभाग मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करता है या मामला भी त्योहारी सीजन की भीड़ में दबकर रह जाएगा।
