नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय संगठन में बड़े फेरबदल की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम को अंतिम रूप दे दिया है और पदाधिकारियों के नामों का ऐलान किसी भी वक्त किया जा सकता है। जनवरी में अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद से ही नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और पदाधिकारियों की घोषणा प्रतीक्षित थी, जिसे अब आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के तहत इस नई टीम में अधिकतम 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एक महामंत्री (संगठन) सहित 9 राष्ट्रीय महामंत्री, 15 राष्ट्रीय मंत्री और एक कोषाध्यक्ष की नियुक्ति तय मानी जा रही है। भाजपा संविधान के प्रावधानों के तहत कुल 38 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में 33 प्रतिशत यानी कम से कम 13 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, सामाजिक संतुलन साधते हुए अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से भी न्यूनतम तीन-तीन पदाधिकारियों का चयन अनिवार्य किया गया है।
केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ-साथ पार्टी की सर्वोच्च नीति-निर्धारक इकाई ‘पार्लियामेंट्री बोर्ड’ का भी पुनर्गठन किया जाएगा। नियमतः अध्यक्ष सहित इसमें अधिकतम 11 सदस्य होने चाहिए, जबकि वर्तमान में यह संख्या 12 है; ऐसे में क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसमें व्यापक बदलाव संभावित हैं। इसी तर्ज पर केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) को भी नया स्वरूप मिलेगा, जिसमें पार्लियामेंट्री बोर्ड के सभी सदस्यों के अलावा कुछ वरिष्ठ रणनीतिकारों को शामिल किया जाता है।
संगठन के व्यापक विस्तार के तहत राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद के गठन की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। अध्यक्ष के अतिरिक्त अधिकतम 120 सदस्यों वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कम से कम 40 महिलाओं और 12 एससी-एसटी सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। साथ ही, राज्यों के प्रतिनिधियों, सांसदों, पूर्व अध्यक्षों और मोर्चा प्रमुखों को समाहित करते हुए राष्ट्रीय परिषद को भी सक्रिय किया जा रहा है। कुल मिलाकर, इस बार युवा ऊर्जा और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का तालमेल बिठाते हुए ऐसा समीकरण तैयार किया गया है, जो आगामी चुनावी चुनौतियों पर पूरी तरह खरा उतर सके।
