बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में इस बार ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ को एक भव्य जन-उत्सव के रूप में मनाने की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक देशभक्ति से ओत-प्रोत विविध सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों की एक विशाल श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इस विशेष आयोजन के तहत 15 अगस्त तक ‘वंदे मातरम’ के कार्यक्रम होंगे, वहीं 17 अगस्त तक पूरे जिले में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के जरिए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
आयोजन को यादगार बनाने के लिए जिले के सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में उत्साहजनक माहौल के बीच तिरंगा यात्राएं, बाइक रैलियां और साइकिल रैलियां निकाली जाएंगी। इन सभी आयोजनों का शुभारंभ सामूहिक ‘वंदे मातरम’ गायन के साथ होगा। रैलियों में युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, पुलिस बल, एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी रहेगी। इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस पर नागरिकों में फिटनेस और राष्ट्रप्रेम की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष ‘तिरंगा मैराथन’ का भी आयोजन किया जाएगा।
सार्वजनिक स्थानों पर निखार लाने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों के सहयोग से ‘वंदे मातरम’ थीम पर आकर्षक और विशाल तिरंगा रंगोलियां सजाई जाएंगी। इसके साथ ही विभिन्न स्थलों पर 3:2 के मानक अनुपात में ‘तिरंगा कैनवास’ स्थापित किए जाएंगे, जहां आम नागरिक अपनी भाषा में “जय हिंद” या “हर घर तिरंगा” लिखकर अपने उद्गार दर्ज कर सकेंगे।
अभियान के दौरान 14 अगस्त को ‘विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस’ के रूप में बेहद संवेदनशीलता के साथ याद किया जाएगा। इस अवसर पर कार्यक्रम स्थलों को सफेद फूलों से सजाया जाएगा और 2 मिनट का मौन रखकर शहीदों व पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। शाम के समय एक मौन कैंडल मार्च निकाला जाएगा तथा शैक्षणिक संस्थानों में इस ऐतिहासिक विषय पर आधारित प्रदर्शनी व डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन होगा। कलेक्टर आकाश छिकारा ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों को विशेष रूप से सम्मानित करने की बात कहते हुए सभी बस्तरवासियों से अपने-अपने घरों व प्रतिष्ठानों पर गौरव के साथ तिरंगा फहराने की अपील की है।
