जांजगीर-चांपा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने शासकीय प्राथमिक शाला तेलीपारा (डोंगाकोहरौद) के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर तत्काल जांच के आदेश जारी किए गए। इसके बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (पामगढ़) द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संस्था के प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित वीडियो की पड़ताल के दौरान प्रधान पाठक का कृत्य प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार की श्रेणी में पाया गया। उनका यह आचरण ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965’ के नियम-3 के सर्वथा विपरीत था। इस अनुशासनहीनता पर कड़ा संज्ञान लेते हुए ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966’ के नियम-9 के अंतर्गत निलंबन का यह सख्त कदम उठाया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान श्री कौशिक का पदेन मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नवागढ़ निर्धारित किया गया है, जहाँ उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। प्रशासन के इस त्वरित और सख्त रुख से विभागीय गलियारों में स्पष्ट संदेश गया है कि कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अमर्यादित आचरण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
