रायपुर। सार्वजनिक सड़क पर रील बनाने और रूतबा दिखाने के चक्कर में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाना रायपुर के चार युवकों को बेहद भारी पड़ गया। एक बाइक पर चार सवारी बैठाकर जानलेवा स्टंटबाजी करते हुए इन युवकों की एक तस्वीर स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित हुई थी। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए रायपुर यातायात पुलिस कमिश्नरेट ने मुस्तैदी दिखाई और तस्वीर के आधार पर वाहन के नंबर और हुलिए से युवकों की पहचान कर डाली। इसके बाद पुलिस ने न सिर्फ कानून का डंडा चलाया, बल्कि उनके इस खतरनाक सफर पर ₹4,500 का भारी-भरकम जुर्माना ठोक कर चालान काट दिया।
पुलिस उपायुक्त (यातायात) डॉ. अर्चना झा के सख्त निर्देश पर इन युवकों को तत्काल यातायात कार्यालय तलब किया गया था। वहाँ पुलिस अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों की गहन जांच की और पूछताछ की। जब सरेआम यातायात नियमों का उल्लंघन पूरी तरह साबित हो गया, तब मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत यह दंडात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ संदेश दे दिया है कि सड़कों पर हुड़दंग मचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनकी शिकायत सीधे तौर पर हुई हो या सोशल मीडिया और मीडिया माध्यमों से।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी; यातायात पुलिस ने इस मामले में एक संवेदनशील और सुधारात्मक रुख भी अपनाया। पुलिस कार्यालय में इन युवकों के साथ-साथ उनके अभिभावकों (माता-पिता) को भी बुलाया गया और उनकी काउंसलिंग की गई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बेहद कड़े शब्दों में समझाया कि सड़कों पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाना और स्टंट करना न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह खुद उनकी और राहगीरों की जान के साथ एक खतरनाक खिलवाड़ है। इसके साथ ही पुलिस ने सख्त हिदायत दी है कि अगर भविष्य में ऐसी कोई भी हरकत दोबारा दोहराई गई, तो युवकों के खिलाफ इससे भी कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस पूरी कार्रवाई के बाद रायपुर यातायात पुलिस ने आम जनता और विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों को अपनी सुरक्षा का कवच समझें और उनका मुस्तैदी से पालन करें। पुलिस ने दोपहिया वाहनों पर तय सीमा से अधिक सवारी न बैठाने और स्टंटबाजी जैसी आत्मघाती गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहने का आग्रह किया है, ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाया जा सके।
