नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने बिगड़ती सेहत के चलते सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे इस अनशन के बीच, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी है और जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात कर प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया है।
यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस मुख्यालय में देर शाम नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की अगुवाई में ज्वाइंट CP और DCP के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद अलसुबह की गई। फिलहाल नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा और जॉइंट सीपी दीपक पुरोहित खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान 20 जुलाई को एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी, जिसके मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने यह कदम उठाया है। इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि जब उनके साथी अभिजीत दिपके वॉशरूम गए थे, तभी दिल्ली पुलिस की टीम कथित तौर पर डॉक्टरों के वेश में आई और वांगचुक को अपने साथ ले गई। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों पर स्थिति साफ की है।
पुलिस का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेशों और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की, जिससे मामूली अफरा-तफरी जरूर हुई, लेकिन पुलिस ने अधिकतम संयम बरतते हुए स्थिति को सुरक्षित रूप से संभाल लिया। पुलिस ने जंतर-मंतर पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे हाई कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हुए शांतिपूर्वक जल्द से जल्द स्थान खाली कर दें।
