जशपुर। सरगुजा संभाग में नशे के काले कारोबार के खिलाफ जशपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत अब तक की सबसे बड़ी और चौकाने वाली कार्रवाई की है। पुलिस महानिरीक्षक (IG) सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के कुशल नेतृत्व और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) एसपी रत्ना सिंह से मिले सटीक इनपुट के आधार पर जशपुर पुलिस ने एक ही दिन में उड़ीसा से आ रही तीन लग्जरी कारों को घेरकर 552.16 किलोग्राम (साढ़े पांच क्विंटल से अधिक) अवैध गांजा जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त गांजे और लग्जरी वाहनों की कुल कीमत 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 400 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो मुख्य खेप को सुरक्षित निकालने के लिए आगे-आगे कार से रेकी कर रहे थे। वहीं, घने जंगलों का फायदा उठाकर दो गाड़ियों के चालक फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं। इस बड़ी सफलता ने सरगुजा संभाग के जिलों के बीच आपसी कोऑर्डिनेशन और खुफिया तंत्र की मजबूती को साबित कर दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई की शुरुआत 14 जुलाई की शाम उस वक्त हुई, जब जशपुर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह को पड़ोसी जिले से एक संदिग्ध मूवमेंट की पक्की सूचना मिली। इनपुट था कि उड़ीसा से तपकरा-कुनकुरी मार्ग होते हुए एक इनोवा कार भारी मात्रा में गांजा लेकर अंबिकापुर की तरफ बढ़ रही है। सूचना मिलते ही तत्काल नाकेबंदी के आदेश जारी किए गए। शाम करीब 6:30 बजे कुनकुरी थाना के सामने जय स्तंभ चौक पर जब पुलिस टीम ने संदिग्ध इनोवा (क्रमांक OD 17J 0205) को रोकने का इशारा किया, तो चालक ने रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने तत्काल पीछा शुरू किया। खुद को घिरता देख तस्कर गाड़ी को ग्राम बोड़ोछापर (पुटपुटी) के पास लावारिस छोड़कर पास के घने जंगलों में ओझल हो गया। जब पुलिस ने गाड़ी की डिक्की की तलाशी ली, तो दंग रह गई। गाड़ी के भीतर भूरे रंग की प्लास्टिक टेप से लिपटे 295 पैकेटों में कुल 311.35 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता का गांजा भरा हुआ था, जिसकी कीमत 46.70 लाख रुपये और वाहन की कीमत 15 लाख रुपये है।
कुनकुरी में चल रही इस कार्रवाई के ठीक आधे घंटे बाद, रात करीब 7:00 बजे पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी। नारायणपुर और बगीचा पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि उड़ीसा की तरफ से ही एक अर्टिगा और एक ब्रेजा कार भी अंबिकापुर की ओर जा रही है। नारायणपुर पुलिस ने गाड़ियों का पीछा शुरू किया और आगे बगीचा पुलिस ने डोडकी नदी के पास मझगांव में मजबूत घेराबंदी कर दी। यहां भी ब्रेजा कार (क्रमांक OD 02 BH 9811) का चालक पुलिस को देखकर चलती गाड़ी छोड़कर जंगल की तरफ भाग निकला, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर रेकी कर रही अर्टिगा कार (क्रमांक OD 16 N 9229) को दबोच लिया। अर्टिगा सवार संदिग्धों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपना नाम सचिन्द्र राउत (29 वर्ष, निवासी सुंदरगढ़, उड़ीसा) और मोहम्मद समीर (26 वर्ष, निवासी सुंदरगढ़, उड़ीसा) बताया। दोनों ने कबूल किया कि वे आगे चल रहे गांजा तस्करों के लिए रास्ता साफ करने (रेकी) की भूमिका निभा रहे थे। दोनों कारों की तलाशी में 240 पैकेटों में बंद 240.810 किलोग्राम गांजा (कीमत 36.12 लाख रुपये) बरामद हुआ। ब्रेजा और अर्टिगा कार की कीमत क्रमशः 10 लाख और 13 लाख रुपये आंकी गई है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
सरगुजा रेंज में नशे के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए चलाया जा रहा यह महा-अभियान केवल इस एक कार्रवाई तक सीमित नहीं है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2026 से लेकर अब तक जशपुर पुलिस ने तस्करों की कमर तोड़ कर रख दी है। इस अल्पावधि में पुलिस ने करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य का 1269.071 किलोग्राम गांजा, 13.50 लाख रुपये की 1840 बोतल नशीली कफ सिरप, 8.04 ग्राम ब्राउन शुगर, 130 नग गांजे के पौधे और 875 नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं। इन मामलों में अब तक 33 बड़े तस्करों को जेल भेजा जा चुका है और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 14 वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई चल रही है।
इस बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक, उप पुलिस अधीक्षक (क्राइम ब्रांच) भावेश समरथ, एसडीओपी बगीचा दिलीप कुमार कोसले, एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, कुनकुरी थाना प्रभारी राकेश यादव, नारायणपुर थाना प्रभारी कोमल सिंह नेताम, बगीचा थाना प्रभारी गौरव पांडे सहित प्रधान आरक्षक पुष्कल सिंह, दलेश्वर यादव, आरक्षक भूपेंद्र यादव और पूरी संयुक्त पुलिस टीम की जांबाजी और सटीक रणनीति की अहम भूमिका रही, जिनकी सराहना स्वयं रेंज आईजी ने की है।
