धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी की सड़कों पर इन दिनों एक ऐसी गाड़ी दौड़ रही है, जिसे देखने के लिए रफ्तारें थम जाती हैं और निगाहें टिक जाती हैं। यह कोई चमचमाती लग्जरी कार नहीं, बल्कि 2006 मॉडल की एक पुरानी मोपेड है, जिसकी बाजार में कीमत शायद 3 हजार रुपये भी न हो। लेकिन, इस मोपेड पर सवार जज्बा और सियासत का रंग ऐसा है कि मालिक के लिए यह ‘करोड़ों की गाड़ी’ बन चुकी है। इस अनोखी गाड़ी के सारथी हैं देवेंद्र अजमानी, जो कभी चार-चार मेटाडोर गाड़ियों के मालिक हुआ करते थे, लेकिन राजनीति के थपेड़ों ने उन्हें किराये के मकान में लाकर खड़ा कर दिया। आज वही देवेंद्र अजमानी भगवा रंग में रंगे, अपनी मोपेड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तक की तस्वीरें सजाकर धमतरी की सड़कों पर भाजपा के ‘जबरा फैन’ बनकर घूम रहे हैं।
देवेंद्र अजमानी की यह कहानी सिर्फ एक मोपेड को सजाने की सनक नहीं है, बल्कि इसके पीछे 43 सालों का वो दर्द है, जो एक विपक्षी दल के साथ वफादारी निभाने के बदले उन्हें मिला। छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन के सेनानी रहे देवेंद्र का दावा है कि उन्होंने जीवन के चार दशक से ज्यादा का समय जिस पार्टी को सींचने में लगा दिया, वहीं उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से कंगाल कर दिया गया। एक दौर था जब देवेंद्र का कारोबार फल-फूल रहा था, लेकिन कथित राजनीतिक प्रताड़ना के चलते एक-एक कर उनकी चारों गाड़ियां बिक गईं, अपना मकान तक हाथ से चला गया। हद तो तब हो गई जब पार्टी के ही एक पूर्व अध्यक्ष ने उन पर गलत तरीके से पैसे कमाने का झूठा आरोप मढ़ दिया। भारी मन से देवेंद्र कहते हैं कि अगर उन्हें गलत तरीके से ही कमाना होता, तो मंत्री प्रतिनिधि रहने के बाद आज वो इस उम्र में किराये के मकान में रहकर 3 हजार की मोपेड पर नहीं घूम रहे होते।
विपक्ष के इसी सितम ने देवेंद्र के भीतर एक नई अलख जगाई और उन्होंने सत्ताधारी दल भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर खुद को पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रंग में रंग लिया। अपनी उसी 20 साल पुरानी खटारा मोपेड को उन्होंने 5 हजार रुपये खर्च करके एक ऐसा अनोखा लुक दे दिया कि आज वह धमतरी में कौतूहल का विषय बन चुकी है। इस मोपेड पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है। “आपमन के संगवारी देवेंद्र अजमानी, छत्तीसगढ़ राज्य सेनानी।” गाड़ी के अगले-पिछले हिस्से में पीएम मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री, धमतरी महापौर रामू रोहरा और जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस की तस्वीरें चमक रही हैं। देवेंद्र के लिए अब यह सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि उनका आत्मसम्मान और बीजेपी के प्रति अटूट प्रेम का प्रतीक है, जिसे वह दुनिया की किसी भी दौलत के बदले बेचने को तैयार नहीं हैं।
धमतरी की सड़कों पर घूमता यह ‘बीजेपी का चलता-फिरता विज्ञापन’ अब सत्ता के गलियारों तक भी अपनी गूंज पहुंचा चुका है। धमतरी नगर निगम के महापौर और भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री रामू रोहरा ने भी देवेंद्र अजमानी के इस अनूठे प्रयोग की खुलकर तारीफ की है। महापौर का कहना है कि उन्होंने मीडिया के जरिए इस अद्भुत मोपेड को देखा है, जो साफ तौर पर भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व के प्रति देवेंद्र के सच्चे समर्पण को बयां करता है। चूंकि देवेंद्र छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के आंदोलन में जेल तक जा चुके हैं, इसलिए भाजपा ने भी उनके लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। हालांकि देवेंद्र ने पार्टी की सदस्यता के लिए आवेदन किया है जो अभी प्रक्रिया में है, लेकिन महापौर रामू रोहरा ने भरोसा दिलाया है कि जिला अध्यक्ष से बात कर जल्द ही इस सच्चे जमीनी सिपाही को आधिकारिक रूप से भाजपा परिवार में शामिल किया जाएगा।
