जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) को आखिरकार अपना फैसला बदलना पड़ा है। विभाग ने जांजगीर जिला अस्पताल में पदस्थ एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. लोकेश कश्यप की बर्खास्तगी का आदेश वापस लेते हुए उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से बहाल कर दी है। बिलासपुर हाईकोर्ट द्वारा डॉ. कश्यप के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उप संचालक ने आयुक्त सह मिशन संचालक की अनुमति से यह बहाली आदेश जारी किया है, जिससे अब जिला अस्पताल में उनकी वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
गौरतलब है कि एनएचएम ने करीब दो महीने पहले, यानी 11 मई 2026 को एक कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. लोकेश कश्यप की संविदा सेवा समाप्त कर दी थी। विभाग के इस एकतरफा फैसले को चुनौती देते हुए डॉ. कश्यप ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और रिट याचिका क्रमांक WP(S) No. 4404/2026 दायर की। इस मामले पर गंभीरता से सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बीते 24 जून 2026 को डॉ. कश्यप के पक्ष में आदेश पारित किया और विभाग द्वारा जारी सेवा समाप्ति के आदेश को पूरी तरह निरस्त कर दिया।
न्यायालय के इसी सख्त निर्देश का पालन करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने 10 जुलाई 2026 को नया आधिकारिक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत पूर्व में की गई बर्खास्तगी को शून्य घोषित करते हुए डॉ. कश्यप को जांजगीर जिला अस्पताल में दोबारा अपनी सेवाएं शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। विभाग ने इस बहाली आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जांजगीर-चांपा को भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को एक बार फिर मजबूती मिलेगी।
सोशल मीडिया में सरकार के खिलाफ पोस्ट करने पर हुई थी कार्रवाई
सोशल मीडिया में डॉ. लोकेन्द्र कश्यप के द्वारा जिला अस्पताल एवं सरकार के खिलाफ टिप्पणी करने पर NHM ने आदर्श जारी कर उनकी सेवा को समाप्त कर दिया था। इसके बाद डॉक्टर लोकेंद्र हाई कोर्ट का शरण लिया। रीड पिटीशन दायर करने के बाद डॉक्टर लोकेंद्र के पक्ष में फैसला आया और हाई कोर्ट के आदेश के बाद एनएचएम छत्तीसगढ़ में फिर से सेवा को बहाल कर दिया है।
