बलरामपुर..(कृष्णमोहन कुमार)…सरकार के मंशानुरूप स्कूल शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण का खेल खत्म हो गया है..जिसके बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.. छत्तीसगढ़ के तमाम जिलों में संलग्नीकरण पर कार्य कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के मूल पदस्थापना में लौटने का क्रम जारी है..इधर 7 जुलाई को बलरामपुर डीईओ ने भी संलग्नीकरण पर कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों को एकतरफा कार्य मुक्त कर दिया है..लेकिन डीईओ के आदेश के बाद अब भी अधिकारी कर्मचारी वापस लौटने का नाम ही नही ले रहे है..ऐसे में स्थिति जस की तस बनी हुई है..और सरकार की मंशा कागजों तक ही समिति होकर रह गई है..
हालांकि जानकारों का कहना है..की अधिकारी कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर संलग्न रहे है..और ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों के अनुमोदन से ही उन्हें कार्यमुक्त किया जा सकता है..सबसे अहम बात तो यह है की स्कूल शिक्षा विभाग में vsk app पर उपस्थिति अनिवार्य है..और जुलाई माह का पगार भी ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर मिलेगी!.ऐसे में अब देखने वाली बात होगी की.. संलग्नीकरण समाप्त होने के बाद भी मूल पदस्थापना नहीं लौटने वाले अधिकारियों कर्मचारियों को कोई अदृश्य शक्ति बचा पाएगी?.
दरअसल जिले में आज भी कई ऐसे दफ्तर है..जहां स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी बजा रहे है..और उन्हें अपने कार्यमुक्ति आदेश का इंतजार है..जिले में एपीसी , मंडल संयोजक,एबीओ, छात्रावास अधीक्षक के पद पर स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक ही विराजमान है..जबकि गैर शिक्षकीय कार्यों से जुड़े विभागीय कर्मचारी अन्य कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे है..ऐसे अब स्थिति स्पष्ट करने की दरकार है..स्थानीय प्रशासन वैकल्पिक संसाधन जुटाकर शिक्षकों को मूल पदस्थापना में बगैर समय गंवाए पदस्थ करे!.ताकि पढ़ाई प्रभावित ना हो!.
बता दे की जिले में आज भी कई स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की कमी है..और इसकी भरपाई भी नहीं हो पा रही है..इसकी सबसे बड़ी वजह विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का कार्यालयीन कार्यों में संलग्न रहना है.. ऐसे में आखिर बेहतर परीक्षा परिणामों की उम्मीद बेइमानी ही साबित हो रही है!.
बहरहाल विश्वस्त सूत्रों की माने तो वरिष्ठ अधिकारियों के अनुमोदन के बाद एक -दो दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों के अनुमोदन से कार्यमुक्ति का आदेश जारी हो जाएगा..ऐसे में अब देखने वाली बात होगी..की इस अवसर पर सिफारिशें कितनी कारगर साबित होगी!
