जशपुर। बारिश का मौसम हो और बारिश का पानी तबाही न मचाए. ऐसा बहुत कम ही हुआ है. बारिश के पानी से खेतों का बहना, घरों का ढहना और लोगों के बहने की बहुत से घटना सामने आ चुकी है. लेकिन, जशपुर की एक घटना आप को हैरान कर सकती है. क्योंकि इस मामले में कुछ ऐसा हुआ कि बारिश के पानी से लबालब बांध खाली करना पड़ा, और वो भी ऐसे बांध के लाखों लीटर पानी को बहाना पड़ा. जो पूरे जशपुर शहर के लोगों को पानी सप्लाई करने के लिए बनाया गया था.
दरअसल, जशपुर जिले से करीब 8 किलोमीर दूर लावा नदी पर एक एनीकेट मतलब बांध बनाया गया है. जिससे जशपुर जिले में पानी सप्लाई किया जाता है और बारिश के इस मौसम में बांध जब लबालब भरा था. तब बांध का गेट खोलकर अचानक इसका पूरा पानी बहा दिया. पानी का क्यों बहा दिया गया? ये जानकर आप भी हैरान हो सकते हैं.लावा नदी में बनाए गए इस एनीकेट के ऊपर बने संकीर्ण मार्ग से एक जीप गुजर रही थी और एनीकेट में करीब 8-9 फिट पानी भरा था, लेकिन पास के ही एक जाबाज़ नौसिखिया ड्राइवर ने पहले तो इस रास्ते मे जीप का आगे बढ़ाया और फिर जीप अनियंत्रित होकर बांध में गिर गई. जिसके बाद जीप सवार 2 लोग किसी तरह बाहर निकल गए, लेकिन जीप पूरी तरह पानी में समा गई.
लावा नदी में बनाए गए इस एनीकेट के ऊपर बने संकीर्ण मार्ग से एक जीप गुजर रही थी और एनीकेट में करीब 8-9 फिट पानी भरा था, लेकिन पास के ही एक जाबाज़ नौसिखिया ड्राइवर ने पहले तो इस रास्ते मे जीप का आगे बढ़ाया और फिर जीप अनियंत्रित होकर बांध में गिर गई. जिसके बाद जीप सवार 2 लोग किसी तरह बाहर निकल गए, लेकिन जीप पूरी तरह पानी में समा गई.लिहाजा जीप निकलने का कोई तरीका नहीं सुझा और फिर 18 घंटे बाद बांध में भरे लाखों लीटर पानी को बहा दिया गया. पानी बहाने के बाद खाली हुए डेम से क्रेन के सहारे डूबी हुई जीप को बाहर निकाला गया. हालांकि इसके लिए प्रशासनिक टीम, एनडीआरएफ और स्थानीय लोग को बारिश के दिन में भी पसीना बहाना पड़ा.
लिहाजा जीप निकलने का कोई तरीका नहीं सुझा और फिर 18 घंटे बाद बांध में भरे लाखों लीटर पानी को बहा दिया गया. पानी बहाने के बाद खाली हुए डेम से क्रेन के सहारे डूबी हुई जीप को बाहर निकाला गया. हालांकि इसके लिए प्रशासनिक टीम, एनडीआरएफ और स्थानीय लोग को बारिश के दिन में भी पसीना बहाना पड़ा.
