नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छह दिवसीय कूटनीतिक यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। तीन देशों के इस महत्वपूर्ण दौरे पर निकलने से पहले प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि इस यात्रा से न केवल भारत के इन देशों के साथ द्विपक्षीय रिश्ते नई ऊंचाइयों को छुएंगे, बल्कि साझा सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध भी और अधिक प्रगाढ़ होंगे। अपनी यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री इंडोनेशिया पहुंचेंगे, जहां वे व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नया विस्तार देंगे।
यह यात्रा इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के उस ऐतिहासिक भारत दौरे के बाद हो रही है, जब वे जनवरी 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि बने थे। प्रधानमंत्री मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। साल 2018 में अपनी पहली इंडोनेशिया यात्रा को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तब दोनों देशों के संबंध ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर पहुंचे थे और उसके बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है। इस दौरान वे न केवल वहां रह रहे भारतीय समुदाय से संवाद करेंगे, बल्कि योग्याकार्ता में ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा कर दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को भी रेखांकित करेंगे।
इंडोनेशिया की कूटनीतिक यात्रा को मुकम्मल करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्ष एंथनी अल्बानीज के निमंत्रण पर मेलबर्न के लिए उड़ान भरेंगे। ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं और इस पड़ाव पर रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा और मोबिलिटी जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर गहन चर्चा होगी। मेलबर्न में प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासियों के एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जिन्हें वे दोनों देशों के बीच की रणनीतिक साझेदारी का एक सबसे मजबूत और जीवंत स्तंभ मानते हैं।
अपनी इस त्रिकोणीय यात्रा के अंतिम और बेहद महत्वपूर्ण चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेंगे। मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की भारत यात्रा के बाद द्विपक्षीय रिश्तों में जो गति आई है, यह दौरा उसे और आगे बढ़ाएगा। दोनों नेताओं के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों को नई धार देने पर बातचीत होगी। विशेष रूप से, दोनों देश एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करके अपने व्यापारिक रिश्तों को एक ऐतिहासिक मोड़ देने का संकल्प ले चुके हैं। ऑकलैंड में भी पीएम मोदी जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता का परचम लहराने वाले भारतीय समुदाय से मुखातिब होंगे।
पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर के मुहाने पर स्थित इन तीन ताकतवर देशों की यह यात्रा भारत के दूरगामी हितों से जुड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान के समापन पर स्पष्ट किया कि इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, ‘महासागर विजन’ और एक मुक्त, खुले तथा सुरक्षित हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र के प्रति देश के वैश्विक नजरिए को और ज्यादा मजबूती प्रदान करेगा।
