कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की की उस चेतावनी के महज़ कुछ ही घंटों बाद पूरी यूक्रेन धरती रूसी धमाकों से दहल उठी, जिसमें उन्होंने एक बड़े हमले की आशंका जताई थी। गुरुवार तड़के राजधानी कीव सहित देश के कई हिस्से भीषण हवाई हमलों की चपेट में आ गए। खुफिया रिपोर्टों के आधार पर राष्ट्रपति जेलेंस्की ने देशवासियों को पहले ही आगाह किया था कि रूस रात के अंधेरे में किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की साजिश रच रहा है, और हुआ भी यही। सवेरा होने से पहले ही आसमान से बरसीं रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के झुंड ने कीव के रिहायशी इलाकों को अपनी ज़द में ले लिया, जिससे हर तरफ आग लग गई। इस अचानक हुए विनाशकारी हमले में अब तक दो लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों नागरिक गंभीर रूप से घायल हैं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया और स्थानीय समाचार चैनलों ‘द कीव इंडिपेंडेंट’ और ‘कीव पोस्ट’ के अनुसार, बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात की शुरुआती खामोशी भोर होते-होते चीख-पुकार में बदल गई। रूसी हमलों ने कीव के व्यस्त केंद्रीय इलाके, शेवचेंकिव्स्की जिले में एक पूरी अपार्टमेंट बिल्डिंग को मलबे में तब्दील कर दिया। इसके अलावा पेचेर्स्की, सोलोमियांस्की और होलोसीव्स्की जिलों में भी बहुमंजिला इमारतों, होटलों और प्रशासनिक भवनों में भीषण आग लग गई। कीव शहर के सैन्य प्रशासन प्रमुख तैमूर तकाचेंको और मेयर विटाली क्लिट्स्को ने पुष्टि की है कि सुबह 5 बजे तक शहर के कम से कम 28 स्थानों पर भारी नुकसान दर्ज किया जा चुका था। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचावकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं, यहाँ तक कि एक एम्बुलेंस सब-स्टेशन पर हुए हमले में कुछ मेडिकल कर्मचारी भी घायल हुए हैं।
इस भयावह हमले का दायरा केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूक्रेन के कई अन्य क्षेत्रों में भी हवाई अलर्ट (हवाई हमले के सायरन) जारी किए गए। दक्षिणी शहर जापोरिजिया, निप्रोपेत्रोव्स्क ओब्लास्ट के पावलोहराड, और पूर्वोत्तर के सूमी व खार्किव जैसे रणनीतिक शहर भी भीषण विस्फोटों की आवाज से गूंज उठे। यूक्रेन की वायुसेना ने हमले से करीब आधे घंटे पहले यह चेतावनी जारी की थी कि रूस के 10 बॉम्बर विमानों ने उड़ान भरी है और रूसी ड्रोनों का एक बड़ा समूह कीव, मायकोलाइव, कोनोटॉप और खेरसोन की तरफ बढ़ रहा है। स्थानीय समय के अनुसार रात 8 बजे से ही बज रहे सायरन की आवाज़ सुनकर हजारों नागरिकों ने भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में शरण लेकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन ने पिछले महीने ही रूस के खिलाफ एक अभूतपूर्व ड्रोन अभियान शुरू किया था, जिसमें रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस रणनीति को मॉस्को को युद्ध खत्म करने के लिए मजबूर करने का एक अहम जरिया बताया था, जिसके जवाब में पिछले हफ्ते रूस ने एक ही रात में 12 क्षेत्रों में 660 यूक्रेनी ड्रोनों को रोकने का दावा किया था। बहरहाल, यूक्रेन पर रूस का यह ताजा हमला बेहद आक्रामक है और सैन्य प्रशासन प्रमुख तकाचेंको ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ऐसे और भी घातक हमले होने की पूरी संभावना है।
