नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं। लगभग 15 दिनों से महाराष्ट्र और उसके आसपास के इलाकों में अटका हुआ मानसून अब रफ्तार पकड़ने को तैयार है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी धमाकेदार दस्तक दे सकता है। मानसून की इस सक्रियता के चलते उत्तर-पूर्वी राज्यों में 25 जून तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में सोमवार से ही भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। मौसम की इस गंभीरता को देखते हुए आईएमडी ने असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
एक तरफ जहां देश का एक हिस्सा भीषण बारिश से सराबोर होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में सूरज की तपिश अभी कम होने का नाम नहीं ले रही है। विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक भीषण लू यानी ‘हीटवेव’ की स्थिति बनी रहेगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक, तेलंगाना में अगले दो दिनों तक और मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में भी सोमवार को गर्मी का प्रचंड रूप देखने को मिलेगा। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि उत्तर-पश्चिम भारत में 22 जून तक अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है, हालांकि इसके बाद अगले तीन दिनों में फिर से पारा 2 से 3 डिग्री चढ़ने की आशंका है। वहीं महाराष्ट्र में आगामी 21 जून के बाद तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
मौसम विभाग ने भारी बारिश और लू के इस दोहरे संकट के बीच कई राज्यों के लिए आकाशीय बिजली और आंधी का ‘ऑरेंज अलर्ट’ भी जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अगले दो दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। वहीं, पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर में इस दौरान ओलावृष्टि होने के आसार जताए गए हैं। इसके उलट राजस्थान के इलाकों में धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है, जबकि बिहार, झारखंड और ओडिशा में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना है। विदर्भ में स्थिति इतनी गंभीर है कि वहां दिन के साथ-साथ रात के समय भी लू (वॉर्म नाइट) का अलर्ट जारी किया गया है।
अगर पिछले 24 घंटों के मौसमी मिजाज पर नजर डालें तो देश के कई हिस्सों में मौसम के चरम रूप देखे गए हैं। मेघालय में कुछ स्थानों पर असाधारण रूप से भारी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाके अत्यंत भारी बारिश से जलमग्न हो चुके हैं। इसके साथ ही ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मानसून पूर्व की भारी गतिविधि दर्ज की गई है। दूसरी ओर, विदर्भ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाके पिछले 24 घंटों से भीषण लू की चपेट में हैं और मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस पूरे सप्ताह इन क्षेत्रों के बाशिंदों को गर्मी के इस सितम से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
