अम्बिकापुर। सरगुजा के अम्बिकापुर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक आदिवासी छात्रा के साथ शादी का झांसा देकर पिछले चार वर्षों से दुष्कर्म किए जाने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने न केवल उसका दैहिक शोषण किया, बल्कि गर्भवती होने पर अपनी बहन के साथ मिलकर उसका जबरन गर्भपात भी करा दिया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को दूसरे धर्म की बताकर शादी करने से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर गांधीनगर थाना पुलिस ने नए कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सरगुजा के ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता साल 2021 में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अम्बिकापुर आई थी। इसी दौरान उसकी पहचान खैरबार निवासी एजाज अहमद से हुई। आरोपी एजाज ने छात्रा को शादी का झांसा दिया और जुलाई 2022 से लेकर 2026 तक उसका लगातार दैहिक शोषण करता रहा। इस दौरान दोनों करीब सात महीने तक लिव-इन रिलेशनशिप में भी रहे।
पीड़िता ने बताया कि अगस्त 2025 में जब वह गर्भवती हो गई, तब आरोपी एजाज अहमद अपनी बहन फरहा सबा के साथ उसके कमरे पर पहुंचा और उसे जबरदस्ती गर्भपात की दवा (अबॉर्शन पिल) खिलाने की कोशिश की। हालांकि, शुरुआत में युवती ने दवा थूक दी थी, लेकिन बाद में आरोपी की बहन फरहा सबा ने उसे यह भरोसा दिलाया कि उनके घरवाले दोनों की शादी करा देंगे। बहन की इस समझाइश और झांसे में आकर युवती गर्भपात के लिए तैयार हो गई, जिसके बाद आरोपी और उसकी बहन ने सूरजपुर जिला अस्पताल ले जाकर उसका अबॉर्शन करवा दिया।
गर्भपात के बाद जब छात्रा ने एजाज पर शादी करने का दबाव बनाया, तो वह विवाद करने लगा। आरोपी ने पीड़िता को दूसरे धर्म की बताते हुए शादी के वादे से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी अक्सर शराब के नशे में उसके कमरे में घुस आता था और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास करता था। इस प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार पीड़िता ने थाने में न्याय की गुहार लगाई। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
