अम्बिकापुर। सरगुजा संभागीय आबकारी उड़नदस्ता की टीम ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने करीब चार लाख रुपये मूल्य के नशीले इंजेक्शन बरामद कर मुख्य सप्लायर मोशीम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को विशेष न्यायाधीश नारकोटिक्स के न्यायालय में रिमांड के लिए पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि रविवार (15 जून) को आबकारी टीम ने वाहिद अंसारी नाम के एक आरोपी को 200 नग नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ और इकबालिया बयान के दौरान वाहिद ने खुलासा किया कि उसने यह माल इमलीपारा अम्बिकापुर में ‘शमशुद्दोहा हॉस्पिटल’ के सामने दुकान चलाने वाले मोशीम अंसारी से खरीदा था। इस सुराग के मिलते ही सहायक जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में उड़नदस्ता टीम ने सोमवार दोपहर मोशीम की दुकान पर अचानक छापा मारा।
दुकान की तलाशी के दौरान काउंटर के नीचे छिपाकर रखे गए एक सफेद रंग के झोले से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं। टीम ने मौके से 200 नग रेक्सोजेसिक (REXOGESIC) और 200 नग एविल (AVIL) नशीले इंजेक्शन जब्त किए, जिनकी बाजार में कीमत लगभग चार लाख रुपये आंकी गई है। इसके बाद आरोपी मोशीम अंसारी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(C) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि नशीली दवाओं के इस अवैध जाल को तोड़ने के लिए विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। पिछले एक साल के भीतर संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा की टीम नशीली दवाइयों के खिलाफ 50 से अधिक मामले दर्ज कर चुकी है। इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व इस अवैध कारोबार से बाज नहीं आ रहे हैं, यही वजह है कि ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत नशे के सौदागरों पर यह सख्त और निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस पूरी सफल कार्रवाई में आबकारी अधिकारी के साथ नगर सैनिक गणेश पांडे, रणविजय सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता और रोहित सोनवानी की भूमिका सराहनीय रही।
