कोंडागांव। जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर स्थित प्रसिद्ध केशकाल घाट पर उस वक्त चीख-पुकार मचते-मचते रह गई, जब जगदलपुर से ओडिशा के झारसुगुड़ा जा रहा ऑक्सीजन से भरा एक भारी-भरकम टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। सोमवार को हुए इस भीषण हादसे में राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और टैंकर चालक को महज मामूली चोटें आईं। लेकिन इस दुर्घटना के बाद घाट पर जो कुछ हुआ, उसने एक पल के लिए प्रशासन और राहगीरों के सांसें अटका दी थीं।
घटना के वक्त टैंकर जैसे ही केशकाल घाट के खतरनाक दूसरे मोड़ पर पहुंचा, अचानक उसकी ब्रेक फेल हो गई। ढलान पर रफ्तार नियंत्रित न होने के कारण चालक ने वाहन पर से संतुलन खो दिया और टैंकर सड़क किनारे जाकर पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें से तेजी से ऑक्सीजन गैस का रिसाव होने लगा। सफेद धुएं के गुबार और गैस लीक को देखकर घाट से गुजर रहे अन्य वाहनों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अनहोनी की आशंका से सहम गए।
इस बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच घायल टैंकर चालक उदय ठाकुर ने अदम्य साहस और गजब की सूझबूझ का परिचय दिया। दुर्घटना के तुरंत बाद खुद को संभालते हुए उदय ने स्थिति की गंभीरता को भांपा और बिना वक्त गंवाए टैंकर का सेफ्टी वाल्व खोल दिया। उनके इस कदम से टैंकर के भीतर अत्यधिक दबाव (प्रेशर) नहीं बन पाया और ऑक्सीजन नियंत्रित तरीके से बाहर निकलती रही। चालक उदय ठाकुर ने बाद में बताया कि यदि वे तुरंत वाल्व नहीं खोलते, तो टैंक के अंदर दबाव बढ़ने से एक बड़ा विस्फोट हो सकता था, जिससे आसपास मौजूद लोगों की जान और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचता।
हादसे की भयावहता को देखते हुए केशकाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मोर्चा संभाला, यातायात को रोककर लोगों को सुरक्षित दूरी पर तैनात किया और घायल चालक को प्राथमिक उपचार के लिए भिजवाया। ऑक्सीजन का दबाव कम होने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के बाद, प्रशासन ने क्रेन की मदद से मार्ग को साफ कराया। इस पूरी कवायद के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए पहिये थमे रहे, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने के बाद यातायात को फिर से सामान्य कर दिया गया।
