बेमेतरा। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों के हितों की रक्षा के लिए बेमेतरा जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सोमवार को प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने देवकर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गाड़ाडीह में एक बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान एक गोदाम से अवैध रूप से भंडारित 585 बोरी (लगभग 29.25 मीट्रिक टन) उर्वरक बरामद कर गोदाम को तुरंत सील कर दिया गया। जब्त की गई इस खेप में भारी मात्रा में बायो पोटाश और बायो ऑर्गेनिक फास्फेट शामिल हैं।
कलेक्टर के सख्त निर्देश पर गठित जिलास्तरीय उड़नदस्ता दल ने इस गुप्त ठिकाने पर दबिश देकर कालाबाजारी और अवैध भंडारण के इस खेल का पर्दाफाश किया। मौके पर मौजूद कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए उर्वरकों की गुणवत्ता संदिग्ध है, इसलिए इनके नमूने (सैंपल्स) तत्काल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। लैब से रिपोर्ट आते ही संबंधित दोषियों के खिलाफ आगे की वैधानिक व कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने क्षेत्र के जमाखोरों और मिलावटखोरों को कड़ा संदेश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या अमानक (नकली) उर्वरकों की बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं भी ऐसी अनियमितता पाई जाती है, तो सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कर कठोरतम दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते अपराधियों पर नकेल कसी जा सके। प्रशासन ने यह भरोसा भी दिलाया है कि सूचना देने वाले सजग नागरिकों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
