महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक करोड़ रुपये से अधिक के धान घोटाले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए धान उपार्जन केंद्र बम्हनी के तत्कालीन केंद्र प्रभारी गंगाधर जगत को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी पर किसानों के 3,742 क्विंटल धान के गबन का गंभीर आरोप है, जिसकी कुल कीमत समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना की राशि मिलाकर करीब 1 करोड़ 16 लाख 200 रुपये आंकी गई है।
इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब बीती 16 मई को एक प्रशासनिक जांच दल ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी के तहत आने वाले बम्हनी केंद्र का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड की तुलना में मौके पर 9,355 कट्टे मोटा धान कम पाया गया। सरकारी संपत्ति में इतनी बड़ी हेराफेरी सामने आने के बाद, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पिरदा शाखा के प्रबंधक उस्त कुमार प्रधान ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 27 मई को बसना थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई।
आर्थिक अपराधों पर जिला प्रशासन और पुलिस के कड़े रुख के चलते मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ग्राम दलालखार निवासी 37 वर्षीय मुख्य आरोपी गंगाधर जगत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुख्ता जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस घोटाले की परतें खोलने के लिए जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य संभावित चेहरों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
