रायपुर। छत्तीसगढ़ में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के एक हालिया बयान को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बाद अब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस विवाद में कूदते हुए रामभद्राचार्य और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। बघेल ने रामभद्राचार्य की ‘दिव्यदृष्टि’ और उनके दावों पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर राजनीतिक और आर्थिक मुद्दे उठाए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे सच्चे गौ-भक्त और राम भक्त हैं, तो उन्हें देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौ-मांस का भक्षण करने वाले किरण रिजिजू को अपने मंत्रिमंडल में शामिल क्यों किया है? बघेल ने सीधा सवाल किया कि क्या एक सच्चे राम भक्त और गौ-भक्त होने के नाते रामभद्राचार्य जी इस कदम को उचित मानते हैं?
इसके साथ ही बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि वे रामभद्राचार्य जी से विनम्र निवेदन करते हैं कि वे अपने शिष्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को निर्देशित करें कि वे अपनी शक्तियों से देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दामों को कम करवाएं ताकि आम जनता को राहत मिल सके। अमेरिकी संबंधों पर भी चुटकी लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभद्राचार्य जी बहुत बड़े ज्ञानी और गुणी हैं, इसलिए उन्हें अपनी दिव्यदृष्टि से देखकर देश की जनता को यह भी बताना चाहिए कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने इतना क्यों झुक जाते हैं। फिलहाल इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है।
