इंदौर। देश की राजनीति में अक्सर तीखे बयानों और वैचारिक मतभेदों के लिए पहचाने जाने वाले नेता जब सार्वजनिक मंचों पर गर्मजोशी से मिलते हैं, तो वह सुर्खियां बन जाता है। ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में देखने को मिला, जहां भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता व महू से विधायक उषा ठाकुर और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के बीच हुई एक अनूठी और आत्मीय चर्चा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से परे एक भाई-बहन जैसी पारिवारिक आत्मीयता और सम्मान का भाव साफ नजर आया।
प्रखर हिंदूवादी नेता की छवि रखने वाली उषा ठाकुर के साथ इस अनौपचारिक मुलाकात के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बेहद आत्मीय अंदाज में उनके कंधे पर हाथ रखा और खुद को उनसे भी बड़ा सनातनी करार दे दिया। दिग्विजय सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे खुद एक पक्के सनातनी हैं और दिलचस्प दावा करते हुए बोले कि उनके कहने के बाद ही उषा ठाकुर ने ‘सनातन’ शब्द को अपनाना शुरू किया है, जबकि इससे पहले वे केवल ‘हिंदू’ शब्द का ही प्रयोग करती थीं। इस पर जब उषा ठाकुर ने मुस्कुराते हुए असहमति जताई, तो दिग्विजय सिंह ने अपने सनातनी होने के प्रमाण के रूप में उनसे पूछा कि क्या तुमने कभी नर्मदा परिक्रमा की है, या क्या तुम नियमित रूप से एकादशी का व्रत रखती हो?
इस तीखी लेकिन मधुर बहस का जवाब देते हुए भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने भी माना कि दिग्विजय सिंह सनातनी तो हैं, लेकिन वे सार्वजनिक तौर पर इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं। उषा ठाकुर के इस तर्क पर तुरंत पलटवार करते हुए दिग्विजय सिंह ने कैमरे की तरफ इशारा किया और मजाकिया लहजे में बोले कि वे कैमरे के सामने ही तो खुलकर यह बात बोल रहे हैं। इस पूरी बातचीत के दौरान उषा ठाकुर ने दिग्विजय सिंह को अपने बड़े भाई के समान बताया। विपरीत राजनीतिक ध्रुवों पर खड़े इन दोनों दिग्गज नेताओं की इस मुलाकात ने यह साबित कर दिया कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन आपसी सम्मान और आत्मीयता के रिश्ते राजनीति से कहीं ऊपर होते हैं।
