जांजगीर चांपा। जिले में जल संसाधन विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता शंशाक सिंह को कलेक्टर की कड़ी फटकार के बाद अब अपने ही विभाग के वाहन चालक से गलती का अहसास करते माफी मांगने मिन्नते कर रहा है। मामला वाहन चालक के साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार से जुड़ा है, जिस पर कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर ने पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए अपर कलेक्टर को जांच सौंपी है और तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। जांच के घेरे में केवल गाली-गलौज ही नहीं, बल्कि अधिकारी की पूरी कार्यप्रणाली भी है।
कर्मचारियों में आक्रोश, कार्यालय में दबंगई के आरोप…
नाम नहीं छापने के शर्त पर एक कर्माचारी ने बताया कि विभाग मुख्य कार्यपालन अभियंता की कार्यशैली से वे लंबे समय से परेशान हैं। आरोप है कि कार्यालय में छोटे कर्मचारियों पर ऊंची पहुंच का रौब दिखाकर धौंस जमाने का काम करते है। इसी कारण जिले में यह अधिकारी अब विवादित अधिकारी के नाम से चर्चित हो चुका है।
पुराने विवादों की लंबी फेहरिस्त….
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों से विवाद हो चुके हैं। विभागीय अनियमितताओं के साथ-साथ अधीनस्थ कर्मचारियों से दुर्व्यवहार के आरोप भी पूर्व में लग चुके हैं। इतना ही नहीं, जिले से ट्रांसफर होने के बाद लेन-देन कर ट्रांसफर रुकवाने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।
सवालों के घेरे में विभाग…
लगातार सामने आ रहे विवादों ने जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें अपर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं—क्या केवल नोटिस और माफी से मामला दबेगा या विवादित अधिकारी पर होगी सख्त कार्रवाई? जिले में यह मामला अब प्रशासनिक अनुशासन और कर्मचारियों की गरिमा से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।
